टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान किशन की विस्फोटक पारी से काफी प्रभावित हैं. रायपुर में हुए दूसरे T20I में किशन की निडर सोच की उन्होंने जमकर तारीफ की. साथ ही कहा कि यही खूबी उन्हें दूसरों से अलग बनाती है. अश्विन के मुताबिक, किशन का यह अंदाज नया नहीं है. यह वही इंटेंट है, जो उन्होंने पिछले दिनों लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट में भी दिखाया है.
'यही खूबी दूसरों से अलग बनाती है...', किशन के जबरा फैन हो गए अश्विन!
न्यूजीलैंड के खिलाफ रायपुर में हुए दूसरे T20I में Ishan Kishan ने जबरदस्त बैटिंग की. उनकी इस पारी से पूर्व क्रिकेटर R Ashwin भी बहुत प्रभावित हैं. उन्होंने इसे लेकर किशन की खूब तारीफ की.
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रायपुर में किशन ने महज 32 बॉल्स में 76 रन बना दिए. इसके दम पर भारत ने दूसरे T20I में न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रनों के टारगेट को चेज करते हुए 7 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया. इसी के साथ सीरीज में भारतीय टीम ने 2-0 की बढ़त बना ली है. YouTube चैनल Ash ki Baat पर अश्विन ने रायपुर में ईशान की इस पारी की तुलना उनके हालिया डोमस्टिक प्रदर्शन से की. उन्होंने कहा,
क्या पारी थी, यार. ईशान किशन ने क्या बैटिंग की. वाह. मज़ा आ गया. जिस किसी ने भी उन्हें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलते देखा होगा, उसकी यादें ताजा हो गई होंगी. बिल्कुल इसी अंदाज में उन्होंने वहां भी बैटिंग की थी. न सेलेक्शन का प्रेशर, न कोई ओवरथिंकिंग, सिर्फ प्योर इंटेंट और फ्रीडम.
अश्विन ने आगे जोड़ते हुए कहा,
अगर वो चाहते तो, सेंचुरी के लिए थोड़ा धीमा खेल सकते थे. लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया. वो जिस अंदाज में खेल रहे थे, उसी अंदाज में खेलते चले गए. अपने शॉट्स पर भरोसा जताते रहे. उनका यही बेखौफ अंदाज ईशान किशन को दूसरों से अलग बनाता है.
ईशान जिस वक्त खेलने उतरे, टीम इंडिया दबाव में थी. लेकिन, बिना किसी हिचकिचाहट के किशन ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर काउंटर अटैक जारी रखा. इसके दम पर भारत ने T20I में सबसे प्रभावशाली रन चेज को अंजाम दिया.
किशन का ये कॉन्फिडेंस डोमेस्टिक क्रिकेट से आया है. उन्होंने झारखंड को अपने नेतृत्व में पहली बार SMAT चैंपियन बनवाया. साथ ही उस लीडर की तरह खेले, जो दूसरों के लिए एग्जांपल सेट करता हो. टूर्नामेंट की 10 पारियों में ईशान ने 517 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 57.44 का रहा और स्ट्राइक रेट 197 का. उनकी ये फॉर्म विजय हजारे ट्रॉफी में भी जारी रही. कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 32 बॉल्स में सेंचुरी ठोक दी. इसी के साथ उन्होंने वाइट बॉल के दोनों फॉर्मेट में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन भी कर दिया.
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जनवरी 2024 और जनवरी 2026 के बीच किशन ने डोमेस्टिक क्रिकेट में काफी समय बिताया. इस दौरान उन्होंने खूब रन बनाए और अपनी रिदम ढूंढकर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर ली. ये फेज उनके लिए काफी अहम रहा. न सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से, बल्कि मेंटली भी. यहां उन्होंने पूरी आजादी के साथ बैटिंग की और फिर से अपनी उस आग को ढूंढ लिया, जिसने उन्हें वाइट बॉल क्रिकेट में भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा बनाया था.
किशन कोई बैकअप ऑप्शन नहींरायपुर में उनकी ये पारी डोमेस्टिक क्रिकेट में उन्हें मिले कॉन्फिडेंस का नतीजा है. किशन ने अपनी पारी के दौरान न कोई हड़बड़ाहट दिखाई, और न ही उन्हें देखकर लगा कि जगह बनाने को लेकर वो चिंतित हैं. उन्होंने इस तरीके से अटैक किया कि विरोधी टीम पूरी बैकफुट पर चली गई. उनके इसी इंटेंट का नतीजा था कि मिडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे ने भी बेखौफ अंदाज में खेलते हुए मैच को एकतरफा कर दिया.
T20 वर्ल्ड कप में अब दो सप्ताह से भी कम समय है. ऐसे में किशन बहुत सही समय पर फॉर्म में आ गए हैं. उनकी इस बेखौफ बैटिंग ने ये भी साफ कर दिया कि वो कोई बैकअप ऑप्शन नहीं हैं. वो एक मैच विनर हैं, जो दबाव में आकर कभी न भूलने वाला प्रदर्शन करके दिखा सकता है.
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