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कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को 'PM मोदी के साथ न जाने की' सफाई क्यों देनी पड़ गई?

Revanth Reddy ने कहा कि PM Narendra Modi का ‘साथ जुड़ने’ के लिए कहना कोई राजनीतिक निमंत्रण नहीं था. यह राजनीति से अलग ऐसा न्योता था, जिसमें दोनों नेता देश और Telangana के विकास के बारे में बात कर रहे थे.

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मोदी ने रेवंत रेड्डी को लेकर 'मजाक' किया था. (फोटो- India Today)

तेलंगाना (Telangana) के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) भाजपा में नहीं जा रहे. ये कांग्रेस के लिए राहत की बात हो सकती है. रेवंत रेड्डी ने खुद ये बात साफ की है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी या उनकी पार्टी से नहीं जुड़ने जा रहे. ये बातें तब शुरू हुई थीं जब तेलंगाना सरकार के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेवंत रेड्डी को उनसे ‘जुड़ने’ के लिए कहा था. बात हंसी-मजाक में कही गई थी लेकिन लोग इसके सियासी मायने निकालने लगे. अब सोमवार, 11 मई को रेवंत रेड्डी ने ऐसी बातों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के बयान की किसी भी तरह की गलत व्याख्या (एक्सप्लेनेशन) ठीक बात नहीं है.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने कहा कि पीएम मोदी का ‘साथ जुड़ने’ के लिए कहना कोई राजनीतिक निमंत्रण नहीं था. यह राजनीति से अलग ऐसा न्योता था, जिसमें दोनों नेता देश और तेलंगाना के विकास के बारे में बात कर रहे थे. रेड्डी ने आगे कहा, 

देश के प्रधानमंत्री के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में विकास कार्यों में उनका साथ देने के लिए कहा. इसके अलावा किसी और तरह की व्याख्या उचित नहीं है.

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रेवंत रेड्डी पीएम मोदी के जिस बयान की बात कर रहे थे वो उन्होंने रविवार, 10 मई को हैदराबाद में एक कार्यक्रम में दिया था. इस कार्यक्रम में मोदी और रेड्डी दोनों मौजूद थे. रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण में मनमोहन सरकार की ओर से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दी जाने वाली मदद की याद दिलाई. रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार को तेलंगाना का सपोर्ट उसी तरह करना चाहिए जैसे मनमोहन सिंह सरकार ने गुजरात का तब किया था, जब नरेंद्र मोदी वहां के सीएम थे. 

इस पर पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा,

मैं रेवंता जी से कहूंगा कि 10 साल के शासन में भारत सरकार ने जितना गुजरात को दिया, वह मैं आपको देने को तैयार हूं. लेकिन मेरी जानकारी से मैं आपको बता देता हूं कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा आपको जो अभी मिल रहा है, वह आधा हो जाएगा. आप जहां पहुंचना चाहते हैं नहीं पहुंच पाएंगे. इसलिए अच्छा है कि मेरे से ही जोड़ो.

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इसी को लेकर बातें चलने लगीं कि क्या पीएम मोदी ने कांग्रेसी मुख्यमंत्री को अपने साथ जुड़ने के लिए कहा था? रेवंत रेड्डी ने इससे साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उस भावना की बात कर रहे थे जो उन्होंने नरेंद्र मोदी को तब दिखाई जब वे 10 सालों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे. उनका मतलब सिर्फ यह था कि तेलंगाना के विकास में वही रचनात्मक भावना दिखाई जानी चाहिए.

रेड्डी ने बताया कि जिस कार्यक्रम में यह बातचीत हुई, उसमें मोदी तेलंगाना के सीएम दफ्तर के कहने पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे. यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था. उन्होंने ये भी कहा कि विकास के मामले में वह केंद्र और राज्य के बीच अच्छे संबंध चाहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बातचीत केवल विकास के बारे में थी, राजनीति के बारे में नहीं.

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