उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की टीम में 6 नए मंत्रियों की एंट्री हुई है. रविवार, 10 मई को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की उपस्थिति में 6 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है. इन नए मंत्रियों में 5 दलित और ओबीसी समुदाय से आते हैं जबकि एक मंत्री ब्राह्मण बिरादरी से है. यूपी में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर आज अंतत: मुहर लग गई है.
योगी सरकार 2.0 का अंतिम विस्तार, मनोज पांडेय समेत 6 नए मंत्रियों की एंट्री के मायने क्या हैं?
रविवार, 10 मई को योगी सरकार की ओर से मंत्रिमंडल का आखिरी बार विस्तार किया गया. इस विस्तार के बाद सभी 60 मंत्रीपद भर चुके हैं. अब मंत्रिमंडल में सवर्ण मंत्रियों की संख्या 22 और ओबीसी मंत्रियों की संख्या 25 हो गई है. जबकि, दलित मंत्रियों की संख्या 10,आदिवासी 1, मुस्लिम 1 और 1 सिख मंत्री का नाम शामिल है.


इंडिया टुडे से जुड़े कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2022 में यूपी में दूसरी बार योगी सरकार बनी थी. उस वक्त 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिसमें 21 सवर्ण, 20 ओबीसी, 8 दलित और 1 आदिवासी चेहरे को मंत्री बनाया गया था. इसके अलावा 1 मुस्लिम और 1 सिख को भी योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. रविवार, 10 मई को योगी सरकार की ओर से मंत्रिमंडल का आखिरी बार विस्तार किया गया. इस विस्तार के बाद सभी 60 मंत्री पद भर चुके हैं.
इसके बाद अब योगी मंत्रिमंडल में सवर्ण मंत्रियों की संख्या 22 और ओबीसी मंत्रियों की संख्या 25 हो गई है. जबकि, दलित मंत्रियों की संख्या 10,आदिवासी 1, मुस्लिम 1 और 1 सिख मंत्री का नाम शामिल है. जब 2022 में योगी सरकार के नये मंत्रिमंडल का गठन हुआ था, उस समय सवर्ण जातियों के बनाए गए मंत्रियों में 7 ब्राह्मण, 8 ठाकुर, 3 वैश्य, 2 भूमिहार और 1 कायस्थ चेहरा शामिल था. बाद में साल 2024 में मुख्यमंत्री योगी के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार किया गया. इस बार चार मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह मिली. इसमें 2 ओबीसी, 1 दलित और 1 ब्राह्मण मंत्री को जगह मिली थी.

साल 2024 के पहले अखिलेश यादव का साथ छोड़कर आए ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, आरएलडी से अनिल कुमार और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से जीते सुनील कुमार शर्मा को मंत्री बनाया गया. उस वक्त योगी मंत्रिमंडल की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई थी लेकिन 2024 में ही जितिन प्रसाद और अनूप वाल्मीकि लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में पहुंच गए. बाद में दोनों नेताओं ने योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया.
दोनों नेताओं के इस्तीफा देने के बाद योगी मंत्रिमंडल की संख्या 56 से घटकर 54 हो गई. जितिन प्रसाद बड़े ब्राह्मण चेहरे थे, जो योगी मंत्रिमंडल से निकलकर मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे. वहीं, योगी सरकार में मंत्री रहे दलित चेहरे अनूप वाल्मीकि भी हाथरस से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. साल 2022 में योगी मंत्रिमंडल में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बनाया गया जबकि, जितिन प्रसाद को भी कैबिनेट मंत्री और पीडब्ल्यूडी विभाग दिया गया था.
साल 2024 में जितिन प्रसाद शाहजहांपुर से सांसद बन गए और केंद्र में मंत्री बने. ऐसे में योगी मंत्रिमंडल में ब्राह्मण चेहरे की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई थी, जो अब मनोज पांडे के कैबिनेट मंत्री बनने के बाद फिर से 8 हो गई है. मनोज पांडे को मंत्रिमंडल में जितिन प्रसाद के रिप्लेसमेंट के तौर पर भी देखा जा रहा है. क्योंकि, एक बड़ा चेहरा जब केंद्र में मंत्री बना तो 2 साल बाद ही सही, लेकिन दूसरा बड़ा ब्राह्मण चेहरा इस मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी ने दिया है.
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