The Lallantop

सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा प्रोटेस्ट को नक्सलवाद से जोड़कर क्या बोले?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन के लिए बीजेपी सरकार की एकतरफा नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों का पोषण और मजदूरों का शोषण करती है.

Advertisement
post-main-image
योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हिंसक प्रदर्शन को साजिश बताया है. (फोटो- India Today)

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘नक्सलवाद की साजिश’ करार दिया है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में तकरीबन खत्म हो चुके ‘नक्सलवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश’ की जा रही है. हाल में जो प्रदर्शन हुए हैं, उनमें कुछ विभाजनकारी लोगों के शामिल होने की आशंका है. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

सीएम के बयान के हिसाब से ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने भी अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. एटीएस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान गाड़ियां जलाने की मॉडस ऑपरेंडी कहीं पाकिस्तानी हैंडलर्स की साजिश तो नहीं है.

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन के लिए बीजेपी सरकार की एकतरफा नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सरकार ‘पूंजीपतियों का पोषण और मजदूरों का शोषण’ करती है.

Advertisement

मजदूरों के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 13 अप्रैल की रात को एक हाईलेवल रिव्यू मीटिंग की. इसके बाद जारी एक बयान में सीएम योगी ने कहा कि मजदूरों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कुछ ताकतें कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए मजदूरों के आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं. 

सीएम योगी ने कहा, 

देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है. लेकिन इसे फिर से जिंदा करने की कोशिश एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. हाल ही के कुछ प्रदर्शनों में भ्रामक और विघटनकारी तत्वों के शामिल होने की आशंका है. 

Advertisement

योगी ने आगे कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार व्यापारियों, नौजवानों, बेटियों और किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है. लेकिन कुछ लोग इस अशांति पैदा करने के लिए साजिश कर रहे हैं. सीएम ने कहा, 

मैं अपील करूंगा सभी औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों से कि याद करिए कि ये डबल इंजन की सरकार आपके साथ कैसे खड़ी होती है. कोरोना काल में आपने देखा होगा, जब हमारी सरकार ने कर्मचारियों को घर पहुंचाने के लिए अपनी गाड़ियां उपलब्ध करवाईं. उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखवाने की व्यवस्था की. उनके लिए सभी प्रकार की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करवा करके उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने का काम किया.

सीएम योगी की आशंका के आधार पर एटीएस और पुलिस प्रशासन भी ऐक्टिव हो गया है. डीजीपी राजीव कृष्ण का कहना है कि भड़काने वाले तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. जो भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

वहीं, एटीएस (Anti Terrorist Squad) भी मामले में साजिश वाले एंगल से जांच कर रही है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष की रिपोर्ट के मुताबिक, मजदूरों का प्रदर्शन शांत होने की उम्मीद थी लेकिन कुछ अराजक तत्वों से हिंसा फैलाई है. आशंका जताई जा रही है कि सीएम की चेतावनी के बाद देश विरोधी ताकत ने जल्दबाजी में हिंसा को अंजाम दिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया.

वहीं अखिलेश यादव ने मजदूरों के प्रदर्शन को बीजेपी की एकतरफा नीति का नतीजा बताया, जिसमें पूंजीपतियों का पोषण किया जाता है और मजदूरों का शोषण. अखिलेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 

नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण बीजेपी सरकार की वो एकतरफा नीति है, जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करने वाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मजदूरों का शोषण. 

यह भी पढ़ेंः नोएडा के वर्कर्स की 7 मांगें, कई पर बनी थी सहमति, 'हरियाणा सरकार के आदेश' वाली मांग ने कराया बवाल

अखिलेश ने आगे कहा कि भाजपाई चंदादायी पूजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मजदूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं. बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है.

वीडियो: उस्मान तारीक ने डैरिल मिशेल पर किस बात का गुस्सा निकाला? सोशल मीडिया पर दिया मैसेज

Advertisement