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सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा प्रोटेस्ट को नक्सलवाद से जोड़कर क्या बोले?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन के लिए बीजेपी सरकार की एकतरफा नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों का पोषण और मजदूरों का शोषण करती है.

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योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हिंसक प्रदर्शन को साजिश बताया है. (फोटो- India Today)

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  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को नक्सलवाद की साजिश करार दिया है और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड द्वारा मामले की जांच बढ़ा दी गई है।
  • यह बयान और जांच हाल के मजदूर आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हुई हिंसा तथा अनियंत्रित स्थितियों को लेकर सरकार की चिंता को दर्शाते हैं, जिसमें कुछ विघटनकारी तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई गई है।
  • इस आरोप और जांच के बाद पुलिस प्रशासन ने भड़काने वाले तत्वों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि समाजवादी पार्टी ने सरकार की नीति को मजदूर विरोधी बताते हुए आंदोलन के कारण के रूप में उद्धृत किया है।

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘नक्सलवाद की साजिश’ करार दिया है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में तकरीबन खत्म हो चुके ‘नक्सलवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश’ की जा रही है. हाल में जो प्रदर्शन हुए हैं, उनमें कुछ विभाजनकारी लोगों के शामिल होने की आशंका है. 

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सीएम के बयान के हिसाब से ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने भी अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. एटीएस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान गाड़ियां जलाने की मॉडस ऑपरेंडी कहीं पाकिस्तानी हैंडलर्स की साजिश तो नहीं है.

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन के लिए बीजेपी सरकार की एकतरफा नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सरकार ‘पूंजीपतियों का पोषण और मजदूरों का शोषण’ करती है.

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मजदूरों के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 13 अप्रैल की रात को एक हाईलेवल रिव्यू मीटिंग की. इसके बाद जारी एक बयान में सीएम योगी ने कहा कि मजदूरों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कुछ ताकतें कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए मजदूरों के आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं. 

सीएम योगी ने कहा, 

देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है. लेकिन इसे फिर से जिंदा करने की कोशिश एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. हाल ही के कुछ प्रदर्शनों में भ्रामक और विघटनकारी तत्वों के शामिल होने की आशंका है. 

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योगी ने आगे कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार व्यापारियों, नौजवानों, बेटियों और किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है. लेकिन कुछ लोग इस अशांति पैदा करने के लिए साजिश कर रहे हैं. सीएम ने कहा, 

मैं अपील करूंगा सभी औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों से कि याद करिए कि ये डबल इंजन की सरकार आपके साथ कैसे खड़ी होती है. कोरोना काल में आपने देखा होगा, जब हमारी सरकार ने कर्मचारियों को घर पहुंचाने के लिए अपनी गाड़ियां उपलब्ध करवाईं. उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखवाने की व्यवस्था की. उनके लिए सभी प्रकार की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करवा करके उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने का काम किया.

सीएम योगी की आशंका के आधार पर एटीएस और पुलिस प्रशासन भी ऐक्टिव हो गया है. डीजीपी राजीव कृष्ण का कहना है कि भड़काने वाले तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. जो भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

वहीं, एटीएस (Anti Terrorist Squad) भी मामले में साजिश वाले एंगल से जांच कर रही है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष की रिपोर्ट के मुताबिक, मजदूरों का प्रदर्शन शांत होने की उम्मीद थी लेकिन कुछ अराजक तत्वों से हिंसा फैलाई है. आशंका जताई जा रही है कि सीएम की चेतावनी के बाद देश विरोधी ताकत ने जल्दबाजी में हिंसा को अंजाम दिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया.

वहीं अखिलेश यादव ने मजदूरों के प्रदर्शन को बीजेपी की एकतरफा नीति का नतीजा बताया, जिसमें पूंजीपतियों का पोषण किया जाता है और मजदूरों का शोषण. अखिलेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 

नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण बीजेपी सरकार की वो एकतरफा नीति है, जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करने वाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मजदूरों का शोषण. 

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अखिलेश ने आगे कहा कि भाजपाई चंदादायी पूजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मजदूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं. बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है.

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