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उद्धव ठाकरे से बगावत करने वाले 6 सांसद कौन? शिंदे की पार्टी में जाएंगे या बीजेपी में?

महाराष्ट्र में उद्धव गुट की शिवसेना में भारी फेरबदल होने वाले है. पार्टी के 6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले हैं. ऐसी आशंका है कि पार्टी के स्थापना दिवस के दिन सांसदों की आधिकारिक तौर पर 'दल बदल' हो जाएगी.

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एकनाथ शिंदे (बाएं) के गुट में शामिल होंगे उद्धव ठाकरे (दाएं) के 6 सांसद. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के छह सांसदों ने बगावत कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में शामिल होने और लोकसभा में अपना ग्रुप बनाने के लिए स्पीकर को पत्र लिखा है।
  • पार्टी में असंतोष और पूर्व में तय हुई बीजेपी में शामिल होने की योजना पर टॉप लीडरशिप की अस्वीकृति के कारण ये छह सांसद उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने का निर्णय लिए हैं।
  • शिवसेना उद्धव गुट के नेताओं ने बागी सांसदों के अलग गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की है और संसदीय बैठक में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी सांसदों को दिल्ली बुलाया गया है।

पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है. खबर है कि उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के 6 सांसदों ने भी पार्टी से बगावत का बिगुल बजा दिया है. ये सभी सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में शामिल होने वाले हैं. सभी 6 बागी सांसदों ने लोकसभा में अपना एक ग्रुप बनाने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को एक पत्र भी लिखा है. इस पूरे प्रोसेस को ‘ऑपरेशन टाइगर’ कहा जा रहा है.

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बताया गया कि सांसदों का ‘दलबदल’ 19 जून यानी शिवसेना पार्टी के स्थापना दिवस पर हो सकती है. उद्धव ठाकरे गुट के 9 सांसद लोकसभा में थे. अब 6 के बगावत करने के बाद उनके पास मात्र 3 ही बचे हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्धव गुट से शिंदे गुट में जाने वाले सांसदों में आष्टीकर पाटील नागेश बापूराव (हिंगोली), भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिर्डी), ओमप्रकाश भूपाल सिंह उर्फ पवन राजे निंबालकर (उस्मानाबाद), संजय दीना पाटिल (मुंबई-नॉर्थ ईस्ट), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी) और संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम) शामिल हैं. 

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना के एक सीनियर नेता ने अखबार को बताया कि उद्धव ठाकरे ने अपने निवास मातोश्री पर सांसदों की एक बैठक बुलाई थी, लेकिन इन 6 सांसदों में से कई इस बैठक में शामिल ही नहीं हुए. बताया जा रहा है कि ये सांसद पहले से ही अपना गुट बदलने का मन बना चुके थे. नाम न बताने की शर्त पर भारतीय जनता पार्टी के एक सीनियर नेता ने अखबार को बताया,

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पहले ये तय हुआ कि उद्धव गुट से पाला बदलने वाले सभी सांसद सीधे बीजेपी में शामिल होंगे. लेकिन बाद में बीजेपी के टॉप लीडरशिप को यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया. उन्होंने इससे इनकार कर दिया. साथ ही कहा कि उद्धव गुट से पार्टी बदलने वाले सभी सांसद एकनाथ शिंदे की गुट में ही शामिल हों. 

इन्हीं वजहों से ‘ऑपरेशन टाइगर’ में इतनी देरी हुई. इधर शिवसेना (उद्धव गुट) के एक नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले कई सांसदों को बड़ी रकम टोकन के तौर पर मिलने वाली है. उन्होंने सांसदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बागियों को उनके इलाकों में बड़े कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का वादा किया गया है. ताकि, सभी सांसद कम से कम 100 करोड़ रुपये कमा सकें. ये सांसद इन प्रोजेक्ट्स के जरिए कमीशन से भारी मुनाफा कमाने की फिराक में हैं.

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उद्धव गुट के नेता ने यह भी कहा कि सभी लोग पैसा और ताकत चाहते हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे यही दो चीजें इन लोगों को नहीं दे पाए. इसीलिए ये सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के लिए तैयार हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्धव गुट के नेता अरविंद सावंत, संजय राउत और अनिल देसाई ने भी लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की है. 

इस मुलाकात में इन नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ने वाले सांसदों के अलग गुट होने की मान्यता न देने की अपील की है. उधर पार्टी ने व्हिप जारी किया है. साथ ही पार्टी के सभी सांसदों की गुरुवार, 18 जून को दिल्ली में एक संसदीय बैठक में शामिल होने का फरमान जारी किया है.

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