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बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत कांग्रेस ने पक्की कर दी

कांग्रेस ने ये फैसला एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले की अनुरोध के बाद लिया है.

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बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार निर्विरोध जीतने वाली हैं.(फोटो- आज तक)

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और दिवंगत NCP नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती की उपचुनाव में जीत का रास्ता साफ हो गया है. वह इस सीट से निर्विरोध जीतने वाली है. कांग्रेस पार्टी ने बारामती उपचुनाव में उनके खिलाफ खड़े अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया. पार्टी की ओर से यह फैसला दिवंगत NCP नेता अजित पवार के ‘सम्मान’ के तौर पर किया है. पार्टी का कहना है कि उसने ये फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले के अनुरोध के बाद लिया है. 

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इसकी जानकारी सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने लिखा,  

अजित दादा की राजनीतिक यात्रा कांग्रेस के साथ ही शुरू हुई थी. उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान कांग्रेस के साथ एक लंबा और सम्मानजनक रिश्ता बनाए रखा. दुख और यादों के इस पल में बारामती में बिना किसी विरोध के चुनाव होना उनकी विरासत के प्रति एक गरिमामय और हार्दिक श्रद्धांजलि होगी. मैं कांग्रेस नेतृत्व से पूरी ईमानदारी से अपील करती हूं कि वे इस कदम को सम्मान और एकता की भावना से देखें.

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Supria Sule
सुप्रिया सुले का बयान.

इससे पहले भी सुले ने एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं से बारामती में उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की थी. पोस्ट में सुले ने लिखा,

‘महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार के दुखद निधन के बाद बारामती विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है. इससे पहले अजित दादा ने कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था. उन्होंने हमेशा हमारी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे. इस पृष्ठभूमि में बारामती विधानसभा के लिए निर्विरोध उपचुनाव अजित दादा को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी. इसलिए, मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया वे अपने उम्मीदवार को वापस ले लें और इस चुनाव को निर्विरोध पूरा होने दें.’

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सुप्रिया सुले का पहला बयान.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बारामती में यह उपचुनाव यह उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है. NCP के दिवंगत नेता अजित पवार को क्षेत्र को लोग ‘दादा’ कहते थे. जनवरी 2026 में अजित पवार का एक फ्लाइट एक्सिडेंट में निधन हो गया था. हादसा उस वक्त हुआ, जब पवार की फ्लाइट बारामती में लैंड करने वाली थी. घटना के समय तक पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बारामती से विधायक थे. उनके निधन के 72 घंटों के भीतर ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को सूबे की उपमुख्यमंत्री की कमान दे सौंप दी गई.

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गुरुवार, 9 अप्रैल को चुनाव से नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी. इस दौरान बारामती से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अमर मोरे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इस बात की जानकारी महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की.

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सपकाल ने बताया कि कांग्रेस ने सुनेत्रा के खिलाफ उम्मीदवार क्यों उतारा था. उन्होंने बताया कि पार्टी ने ऐसा इसलिए किया, जिससे एक ‘वैचारिक लड़ाई’ लड़ी जा सके. उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता थी कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) BJP की ‘B-टीम के तौर पर काम कर रहा है. 

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