उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पार्टियां अपनी रणनीतियों में फेरबदल कर रही हैं. इस बीच राज्य की 4 बार मुख्यमंत्री रहीं और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने टिकट बंटवारे को लेकर एक पोस्ट किया है. इसमें मायावती ने साफ किया कि पार्टी में उम्मीदवारों को टिकट बांटने में उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद का कोई रोल नहीं है. वे खुद ही सबको टिकट देती हैं.
'आकाश आनंद का BSP उम्मीदवार तय करने से कोई लेना-देना नहीं,' मायावती ने साफ कर दिया
Bahujan Samaj Party की मुखिया Mayawati ने कहा कि सूबा हो या देश, उनमें होने चुनावों में वे खुद ही Ticket Allocation का काम संभालेंगी. Akash Anand और टिकट बंटवारे पर उन्होंने क्या कहा? यहां जानें.

मायावती ने उन अटकलों पर विराम लगाया, जिनमें दावा किया गया कि बसपा में टिकट आकाश आनंद तय करते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वे खुद पार्टी उम्मीदवार तय करती हैं, और आने वाले चुनावों में भी वे खुद ही टिकट बांटेगी.
शुक्रवार, 31 जुलाई की शाम बसपा चीफ मायावती ने X पर एक पोस्ट किया. इसमें दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश समेत देश भर में जहां भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव होते हैं, वहां उम्मीदवारों के नामों पर आखिरी मुहर मायावती ही लगाती हैं.
मायावती ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि लखनऊ स्थित बसपा के स्टेट ऑफिस में पार्टी के नेताओं के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं. राज्य और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद उन्होंने 2027 चुनाव के लिए दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार फाइनल कर लिए हैं. अन्य नामों पर भी फैसला मायावती द्वारा किया जाएगा.

मायावती ने लिखा कि यूपी की जिन विधानसभा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों के नाम तय किए गए हैं, वे उनकी परमिशन से ही किए गए है. उन्होंने बताया कि उनके आदेश पर ही पार्टी के नेता छोटी-बड़ी जनसभाएं करके उन कैंडिडेट्स के नामों का ऐलान कर रहे हैं.
बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर चल रहा था कि आकाश आनंद ही उम्मीदवारों के नामों पर आखिरी मुहर लगाते हैं, और आगे भी लगाएंगे. लेकिन अब मायावती के इस पोस्ट ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है.
उन्होंने आगामी चुनाव में आकाश आनंद की भूमिका भी तय कर दी. मायावती ने बताया कि आने वाले दिनों में आकाश आनंद भी जनसभाएं करके कुछ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेंगे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब करीब एक महीना पहले बसपा पर ‘टिकट के बदले पैसे’ लेने का आरोप लगा.
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कथित तौर पर एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में BSP के सीनियर नेताओं के पार्टी को टिकट के बदले पैसे पर चर्चा करते हुए रिकॉर्ड किया गया था. दावा किया गया कि जिसे भी बसपा से विधानसभा टिकट चाहिए, वो टिकट के लिए करीब 3.35 करोड़ रुपये से लेकर 3.50 करोड़ रुपये दे. जबकि, कथित तौर पर 5 लाख रुपये देने के बाद बसपा प्रमुख से मिलने की बात कही जा रही थी.
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