राघव चड्ढा के बहाने आम आदमी पार्टी के अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गए हैं. राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने और संसद में बोलने से रोके जाने पर राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ने 3 अप्रैल की सुबह एक सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके कहा कि उन्हें खामोश जरूर किया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं. फिर आम आदमी पार्टी की भी प्रतिक्रिया आई. पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि वे देश के लिए ‘जरूरी मुद्दे’ नहीं उठा रहे थे.
'आप पीएम मोदी से डरते क्यों हैं', राघव चड्ढा के खिलाफ AAP ने पूरा मोर्चा खोल दिया
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया. राघव चड्ढा ने एक वीडियो पोस्ट करके पार्टी के इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. उनके इस वीडियो संदेश के बाद आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने भी वीडियो जारी करके उन पर कई सवाल उठाए हैं.


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करके राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फैसले पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा,
जब-जब मुझे संसद में बोलने का मौका मिला, मैंने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए. हो सकता है कि मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूं, जिन पर आमतौर पर बात नहीं होती. लेकिन क्या जनहित के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?
राघव चड्ढा के इस वीडियो के जवाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके उनसे कई सवाल पूछे हैं. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करके कहा,
आज मैं राघव चड्ढा से कुछ सवाल पूछना चाहती हूं. राघव जी, आप बीजेपी पर सवाल उठाने से डरते क्यों हैं? आप मोदीजी पर सवाल उठाने में डरते क्यों हैं? आज हमारे देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा है. इलेक्शन कमीशन का यूज करके पश्चिम बंगाल का इलेक्शन चुराया जा रहा है. लेकिन आप उस पर सवाल नहीं उठा रहे. उस पर बोलने से डर रहे हैं. जब तृणमूल समेत पूरा विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाया तो आपने उस पर सिग्नेचर करने से मना कर दिया.
आतिशी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कहने के बावजूद राघव चड्ढा ने संसद में एलपीजी संकट का मुद्दा नहीं उठाया. इसके अलावा उन्होंने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर राघव चड्ढा की चुप्पी पर भी सवाल उठाया. राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी एक्स पर वीडियो पोस्ट करके राघव चड्ढा के वीडियो पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा,
राघव का एक वीडियो आया है. मैं ये कहना चाहता हूं कि हम लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं. और उनसे एक ही बात सीखी है. निडरता, हिम्मत और साहस के साथ लड़ना और संघर्ष करना. लेकिन अफसोस कि जब CEC के खिलाफ मामला आता है आप साइन नहीं करते. पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट के अधिकार छीने जा रहे हैं. दिल्ली में चुनाव आयोग का दुरुपयोग हुआ. पंजाब का मुद्दा होता है आप खामोश रहते हो, नहीं बोलते हो. मोदी के खिलाफ आवाज नहीं उठाते. जनहित और पार्टी से जुड़े मुद्दे पर आप नहीं बोलते. कई मुद्दों पर विपक्ष वॉकआउट करता है. आप नहीं करते. बहुत ऐसे मुद्दे हैं जिस पर पार्टी और देश आपसे जवाब चाहता है.
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी खुद को अरविंद केजरीवाल का सिपाही बताते हुए वीडियो पोस्ट करके राघव चड्ढा को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा,
राघव चड्ढा के सॉफ्ट पीआर से मोदी सरकार को कोई दिक्कत नहीं. जो सरकार के खिलाफ आंख में आंख डालकर बोलता है उस पर तमाम मुकदमे होते हैं. राघव पीएम या बीजेपी से सवाल नहीं करते. मोदी से डर के राजनीति कैसे होगी.
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर पंजाब के मुद्दों और गुजरात में पार्टी के सैंकड़ों नेताओं पर हुए मुकदमों के मामलों में चुप्पी साधने का आरोप लगाया. उन्होंने यहां तक कह दिया कि सोशल मीडिया पर बीजेपी राघव चड्ढा का बचाव कर रही है, उन्हें सोचना चाहिए कि कहां से चले थे और कहां पहुंच गए.
AAP के सीनियर लीडर और पूर्व विधायक दिलीप पांडे ने भी शायराना अंदाज में राघव चड्ढा पर निशाना साधा है,
एक वीडियो देखा राघव जी का. इस पर मुझे जावेद अख्तर साहब का एक शेर याद आया. बड़ा सही लिखा उन्होंने कि, ‘गलत बातों को खामोशी से सुन लेना और हामी भर लेना, बहुत हैं फायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता’. ऐसी बहुत सारी बातें मुल्क में हो रही हैं. जिस पर राघव जी चुप रह गए. SIR के जरिए वोट छीना जा रहा है. राघव चुप रह गए. गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा उस पर चुप रह गए. इन मुद्दों के बजाय राघव चड्ढा चाय और समोसा महंगा होने का मुद्दा उठा रहे थे.
दिलीप पांडे ने राघव चड्ढा को सलाह दी है कि उन्हें इन सवालों के जवाब देने चाहिए और किसी तरह का नकली नैरेटिव बनाने से बचना चाहिए. आम आदमी पार्टी की ओर से राघव चड्ढा के खिलाफ शुरू किए गए सुनियोजित अभियान से ये तो तय है कि पार्टी उनके साथ आर या पार के मूड में है.
अब देखना होगा कि पार्टी उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है. या फिर राघव चड्ढा खुद ही अपने रास्ते अलग करने का फैसला करेंगे, जिसका संकेत उनके वीडियो संदेश से मिल भी रहा है.
वीडियो: AAP के फैसले पर राघव चड्ढा का बयान, पार्टी ने राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया





















