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देश में कोरोना केस अचानक बढ़ने की असली वजह ये है

एक्सपर्ट नए वेरिएंट से ज्यादा किसी और वजह को जिम्मेदार मानते हैं.

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कोरोना के केसेस वापस बढ़ना शुरू हो गए हैं.

मार्च-अप्रैल का महीना आया नहीं कि कोविड केस बढ़ने की ख़बरें फिर आने लगीं. रोज़ नए केस रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीती 2 अप्रैल को कोविड के 3824 मामले रिपोर्ट किए गए थे. गुरुवार, 6 अप्रैल को ये आंकड़ा 5335 तक पहुंच गया. इसके चलते देशभर में कोरोना के ऐक्टिव मामलों की संख्या 25 हजार के पार चली गई है.

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ये तो हुई आकड़ों की बात. अब ज़रूरी सवाल है कि कोविड के केसों में अचानक आई इस उछाल के पीछे वजह क्या है. क्या ये घबराने वाली बात है? क्या केस बढ़ने से अस्पतालों में भर्ती भी बढ़ रही है? इन सारे सवालों के जवाब जानते हैं डॉक्टर्स से.

फिर से कोविड केस बढ़ने की पीछे क्या वजह है?

ये हमें बताया डॉक्टर शुचिन बजाज ने.

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India at 75: Kashmir needed healthcare and we filled that gap - Dr Shuchin  Bajaj - Indianarrative
डॉक्टर शुचिन बजाज, फाउंडर डायरेक्टर, उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स

"कोरोना के केसेज वापस बढ़ना शुरू हो गए हैं. केस काउंट हर पांचवें दिन डबल हो रहा है. ये काफ़ी फ़ास्ट स्पीड है. पर ज़्यादा घबराने की ज़रुरत नहीं है. ये ओमिक्रॉन का ही वेरिएंट है. इससे आमतौर पर निमोनिया नहीं होता है. ये वेरिएंट फेफड़े पर हमला नहीं करते. अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक तक ही लिमिटेड हैं. इसमें गला ख़राब होता है. बदन दर्द, तेज़ बुखार, खांसी, ज़ुकाम जैसे लक्षण भी दिखते हैं. कुछ केसेज में पेट ख़राब होने के साथ दस्त भी लग जाते हैं. उल्टियां होती हैं. सीरियस केसेज और अस्पताल में भर्ती अभी नहीं है."

डॉक्टर बजाज ने आगे बताया,

“इस केस काउंट के बढ़ने के कई कारण हैं. पहला. बूस्टर डोज़ इंडिया में बहुत कम लोगों ने लगवाई है. 25 प्रतिशत से कम लोगों ने लगवाई है. और भी कारण हैं. वायरस के वेरिएंट बदलते जा रहे हैं. वायरस आमतौर पर ऐसे ही बर्ताव करते हैं. जैसे-जैसे वायरस मैच्योर होते हैं, वो अपने ऐसे वेरिएंट निकालते हैं जो ज़्यादा आसानी से फैलते हैं. लेकिन कम असरदार होते हैं. क्योंकि वायरस को ज़्यादा से ज़्यादा दिन रहने में इंटरेस्ट है. ज़्यादा से ज़्यादा लोगों में फैले और अपनी कई कॉपी बनाए. ये तभी हो सकता है जब ये बहुत आसानी से फैल सकता है. लेकिन डेडली नहीं रह जाता. वैक्सीन इन्फेक्शन से बचाने में 100 प्रतिशत कारगर नहीं हैं. वैक्सीन सीरियस इन्फेक्शन रोक सकती है. इसलिए वैक्सीन लगने के बाद भी इन्फेक्शन हो सकता है.”

India reports 3,038 fresh Covid cases, active caseload at 21,179 | Latest  News India - Hindustan Times
कोरोना के केसेस वापस बढ़ना शुरू हो गए हैं.
बचाव

बचने के वही पुराने तरीके हैं. सामाजिक दूरी बनाकर रखें. भीड़ से बचें. ख़ुद बीमार हैं तो बिलकुल भी बाहर न जाएं क्योंकि आपसे बीमारी दूसरों में फैल सकती है. आपसे कमज़ोर इम्युनिटी वाले लोगों में वायरस फैल सकता है. मास्क पहनें. हाथ साफ़ करते रहें. सैनिटाइज़ करते रहें. हाथ मुंह पर न लगाएं. अगर वैक्सीन नहीं लगवाई है तो ज़रूर लें. देखा जा रहा है कि कोविड का लंबा असर भी हो रहा है. दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं. पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता, पर ये अंदेशा है कि ऐसा कोविड के कारण हो रहा है. इसलिए बचकर रहना ज़रूरी है.

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कोविड केसेज बढ़ने के पीछे क्या वजह है, ये साफ़ हो गया है. पर आपने घबराना नहीं है. बस एहतियात बरतें. अगर वैक्सीन नहीं लगवाई है तो ज़रूर लगवाएं. 

(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

 

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