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शादी करने जा रही युवती की DM से अपील, बारात आने से पहले सड़क ठीक करा दें

मामला यूपी के अलीगढ़ का है.

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अलीगढ़ जिलाधिकारी को सड़क ठीक कराने की लिखित शिकायत देती महिला.

उत्तर प्रदेश के  एक्सप्रेसवे की चर्चा हो रही है. यूपी को एक्सप्रेसवे प्रदेश कहा जा रहा है. लेकिन आज भी अधिकांश गांवों की सड़कों की हालत पहले जैसी ही है. इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला अलीगढ़ में. एक युवती जिलाधिकारी के दफ्तर पहुंच गई. सड़क ठीक कराने की शिकायत लेकर. फरियाद सुनने के बाद साहब ने भी संबंधित विभाग को सड़क की मरम्मत करने का आदेश दे दिया.

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क्या है मामला? 

जानकारी के लिए हमने इंडिया टुडे से जुड़े अकरम खान से बात की. उन्होंने बताया कि महिला का नाम करिश्मा कुमारी है.  BEd कर चुकी हैं. उनकी 27 फरवरी को शादी होनी है. रहने वाली तहसील इगलास के नगला चूरा की हैं. उन्होंने शुक्रवार 22 जनवरी को जिलाधिकारी को एक लेटर दिया. उनके दफ्तर जाकर. कहा कि उनके गांव की सड़क और गली बहुत पुरानी है. कभी मरम्मत नहीं हुई. सड़क नीचे की तरफ धंस गई है. इससे गांव का सारा पानी और कीचड़ उसमें भर जाता है. अगले महीने शादी है. अलीगढ़ के रामघाट रोड से बारात आएगी. इस सड़क से आने पर बारात को दिक्कत होगी. करिश्मा ने मांग की कि जिलाधिकारी इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का आदेश दें.

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करिश्मा के मुताबिक, सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि गांववालों को चलने में मुश्किल होती है. उनका कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायद दो बार BDO से की, तहसील दिवस के मौके पर मुद्दा उठाया और RTI भी दायर की, पर कुछ असर नहीं हुआ.

जिलाधिकारी चंद्रभूषण ने संज्ञान लेते हुए इग्लास के BDO को कॉल किया.  इस समस्या का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया. साथ ही PD-DRDA (जिला ग्रामीण विकास एजेंसी) को आदेश दिया कि नगला चूरा गांव की सड़क हर हालत में लड़की की शादी के पहले बन जानी चाहिए. इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

DM अलीगढ़ के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है कि सड़क बनाने का काम मनरेगा के माध्यम से या किसी भी योजना के माध्यम से शुरू कर दें. साथ ही मिशन शक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ये योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन शक्ति कार्यक्रम का सीधा और सटीक उदाहरण है कि महिलाएं अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक हैं और इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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क्या है मिशन शक्ति कार्यक्रम?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मिशन-शक्ति' का ऐलान किया था. इसके तहत 1535 पुलिस थानों में एक अलग कमरे का प्रावधान किया गया था. जिसमें कोई भी पीड़ित महिला या बच्ची महिला पुलिसकर्मी से संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सके.  मिशन-शक्ति अभियान सरकार की तरफ़ से नवरात्रों में यानी अक्टूबर 2019 में शुरू किया गया था. कहा गया था कि ये छह महीने तक जारी रहेगा.

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