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बिजली कंपनियां बोलीं- 'औरतें खंभों पर नहीं चढ़ सकतीं', हाई कोर्ट ने कहा- पहले टेस्ट तो कर लो

औरतों को नौकरी पर न रखने के लिए बिजली कंपनियों ने दलील दी थी.

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बाएं से दाएं: तेलंगाना हाई कोर्ट की तस्वीर (क्रेडिट- हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट). कोर्ट ने इस तरह की टेस्टिंग के आदेश दिए हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर. क्रेडिट- वीडियो स्क्रीनशॉट)

तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक आदेश दिया है. एक टेस्ट कराने का आदेश, जिसमें ये पता लगाया जाएगा कि औरतें बिजली के खंभों पर चढ़ सकती हैं या नहीं. इस टेस्ट का आदेश एक सुनवाई के दौरान दिया गया. 'TOI' की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना की पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों (बिजली वितरण कंपनियां) ने तेलंगाना हाई कोर्ट में कहा था कि वो फील्ड स्टाफ के तौर पर महिलाओं की भर्ती इसलिए नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें लगता है कि महिलाओं को बिजली के खंभों पर चढ़ने में दिक्कत होगी.

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, तेलंगाना में बिजली वितरण कंपनियों ने महिलाओं को फील्ड स्टाफ के तौर पर भर्ती नहीं किया, जेंडर के आधार पर ये फैसला लिया गया. इसी फैसले के खिलाफ दो औरतों ने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. इसी मुद्दे पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां बिजली कंपनियों ने यही खंभों पर न चढ़ सकने वाली दलील दी.

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हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राघवेंद्र सिंग चौहान और जस्टिस बी विजयसेन रेड्डी की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. उन्हें बिजली वितरण कंपनियों की दलील जंची नहीं. हैरानी हुई. बेंच ने कहा कि जब सेना में महिलाओं के लिए दरवाज़े खुल रहे हैं, तो उन्हें 'लाइनविमन' बनने से कैसे रोका जा सकता है. इसके बाद बेंच ने दो हफ्ते के अंदर एक पोल क्लाइम्बिंग टेस्ट कंडक्ट कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. अब महबूबाबाद की वी. भारती और सिद्धिपेट की बी. शिरिशा के लिए ये टेस्ट करवाया जाएगा. 'नवभारत टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, भारती का कहना है कि उन्होंने भी पुरुषों की तरह अपने काम के लिए कड़ी ट्रेनिंग की है, और अपने बच्चों को गांव में छोड़कर वारंगल में रह रही हैं.

हैरानी वीला बात ये है कि शुरुआत में पावर कंपनियों ने महिलाओं को नौकरी ऑफर की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया था. महिलाओं के वकील हैं एस. सत्यम रेड्डी. उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि साल 2018 में 1500 महिलाओं के लिए इन कंपनियों ने पोस्ट निकाली थी, 33 फीसद रिज़र्वेशन देने की भी बात कही थी, लेकिन 2019 में निकाली गई पोस्ट में रिज़र्वेशन की बात हटा दी गई थी.

तेलंगाना की कंपनियां सीता बेहरा के बारे में ज़रूर जानें

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एक तरफ जहां तेलंगाना की कंपनियां महिलाओं को नौकरी देने से इनकार कर रही हैं, वहीं ओडिशा की सीता बेहरा लगभग लोग बिजली के खंभों पर चढ़ती हैं. 26 साल की सीता ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड में इलेक्ट्रिशियन हैं. और लोग उन्हें ट्रांसमिशन क्वीन भी कहते हैं.

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