अफगानिस्तान पर कब्जा करते ही Taliban ने कहा था कि वो औरतों के अधिकारों की रक्षा करेगा. लेकिन उसने औरतों को घर की चारदीवारी में बांधना शुरू कर दिया. कहा कि हमारे लड़ाके जब तक औरतों से बिहेव करना नहीं सीख जाते, तब तक औरतें घर के अंदर रहें. अब तालिबान के प्रभारी आंतरिक मंत्री सिरजुद्दीन हक्कानी ने कुछ औरतों को नॉटी यानी बदमाश बताया है.
'नॉटी' औरतों के साथ क्या करता है तालिबान?
एक साल से स्कूल नहीं जा पाई हैं लड़कियां, इस पर क्या बोला तालिबान?


CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब ये कहा गया कि तालिबान के आने के बाद से औरतें घर से बाहर निकलने से डरने लगी हैं. तो हक्कानी ने जवाब दिया,
“हम नॉटी औरतों के घर के अंदर रखते हैं.”
इसके बाद हक्कानी ने सफाई दी कि ये एक मज़ाक था और नॉटी औरतों से मतलब उन औरतों से था जो दूसरी साइड के साथ मिलकर अफगानिस्तान की वर्तमान सरकार पर सवाल उठाती हैं.
बातचीत के इसी क्रम में हक्कानी ने बताया कि जल्द ही लड़कियों को स्कूल जाने की परमिशन दी जाएगी. ये भी कहा कि जल्द ही तालिबान लड़कियों के लिए एक गुड न्यूज़ देगा. तालिबान पांचवीं तक की लड़कियों को स्कूल अटेंड करने देने का दावा करता है. वहीं, इस साल मार्च से छठवीं और उससे ऊपर के क्लास की लड़कियों का स्कूल जाना दोबारा शुरू होना था. लेकिन तालिबान ने अगले आदेश तक लड़कियों को घर में ही रहने को कहा है. तालिबान का कहना है कि शरिया और अफगानी परंपरा के हिसाब से पहले लड़कियों का यूनिफॉर्म डिज़ाइन किया जाएगा, उसके बाद ही उन्हें स्कूल आने दिया जाएगा.
आपको बता दें कि 15 अगस्त, 2021 को तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया था. तब से सार्वजनिक जीवन में तालिबान औरतों की भूमिका को खत्म कर रहा है. शुरुआत में स्कूल, कॉलेज यूनिवर्सिटीज़ बंद की गईं. नौकरी करने वाली औरतों को घर बैठने के लिए कहा गया. तब कहा गया था कि उनकी सैलरी उन्हें भेज दी जाएगी. मिडिल स्कूल और उससे ऊपर की क्लास की लड़कियों को घर पर बैठने को कहा गया. टीवी शोज़ में महिलाओं के दिखने पर रोक लगा दी. महिलाओं के ब्यूटी पार्लर्स बंद करवा दिए. औरतों के अकेले ट्रैवल करने पर पाबंदी लगाई गई.. महिलाओं के हमाम इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया गया.
माने तालिबान के आने के बाद अफगानिस्तान की औरतों के लिए बैन, पाबंदी, रोक बड़े कीवर्ड्स बने हुए हैं.
इस महीने की शुरुआत में तालिबान ने एक फरमान निकाला कि महिलाओं को बुर्का पहनना होगा. तालिबान के नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया,
“वे महिलाएं जो बहुत बूढ़ी या छोटी नहीं हैं, उन्हें शरिया के मुताबिक़, आंखों को छोड़कर अपना पूरा चेहरा ढंकना चाहिए. ताकि जब वो ऐसे पुरुषों से मिलें जो महरम (वयस्क करीबी पुरुष रिश्तेदार) न हों, तो पुरुष ‘उत्तेजित’ न हो जाएं. ऐसा न करने पर महिला के पिता या पुरुष रिश्तेदार को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा या नौकरी से निकाल दिया जाएगा.”
इससे पहले तालिबान ने 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान पर कब्जा किया था. तब भी वहां औरतों पर इसी तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं.
वीडियो: तालिबान लड़ाकों के हाथों पिटती इस महिला की चीखें दिल दहलाने वाली हैं













.webp?width=275)
.webp?width=275)







