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तलाक होना था, कोर्ट के आदेश पर बच्चों के साथ छुट्टी मनाने गए, नेपाल प्लेन क्रैश में मौत

नेपाल में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि ठाणे के अशोक त्रिपाठी, उनकी पत्नी वैभवी बांदेकर-त्रिपाठी, बेटा धनुष त्रिपाठी और बेटी ऋतिका त्रिपाठी भी यात्रा कर रही थीं.

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स्थानीय लोग भी इस काम में सेना की मदद कर रहे हैं. ज़्यादातर शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है (फोटो - PTI)

मई 29 (रविवार) की सुबह नेपाल के तारा एयर का एक विमान टेक ऑफ के 15 मिनट के अंदर लापता हो गया. विमान का एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. विमान पोखरा से जोमसोम शहर जा रहा था. 19 यात्रियों और तीन क्रू मेंबर्स को मिलाकर  कुल 22 लोग विमान में सवार थे. पूरे दिन की तलाशी के बाद नेपाली सेना को विमान मुस्तांग ज़िले के पास दुर्घटनाग्रस्त मिला. ख़तरनाक इलाक़े और ख़राब मौसम की वजह से सेना घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी थी.

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30 मई की सुबह सेना और रिलीफ़ टीमें दुर्घटनास्थल तक पहुंच सकीं और ये पता चला है कि Nepal Plane Crash में चार भारतीय भी थे. एक ही परिवार के चार लोग.

Nepal Plane Crash  में भारतीय परिवार

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि विमान करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर क्रैश हुआ. 30 मई की सुबह 10:30 बजे तक 16 शवों को बरामद किया गया है. बाक़ी 6 शवों को ढूंढा जा रहा है.

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हादसे का शिकार हुए लोगों में महाराष्ट्र के ठाणे का एक परिवार भी शामिल था. नेपाल में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि ठाणे के अशोक त्रिपाठी (54), उनकी पत्नी वैभवी बांदेकर-त्रिपाठी (51), बेटा धनुष त्रिपाठी (22) और बेटी ऋतिका त्रिपाठी (18) भी यात्रा कर रही थीं. सभी नेपाल के पोखरा स्थित एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे.

अशोक त्रिपाठी अपनी पत्नी से अलग रहते थे. दोनों का तलाक़ होने वाला था और मामला कोर्ट में था. कोर्ट ने निर्देश दिए कि फ़ाइनल फ़ैसला आने तक हर साल पूरे परिवार को 10 दिन साथ बिताने होंगे. इसी क्रम में चारों नेपाल गए थे. दोनों बच्चे वैभवी के साथ रहते थे और अशोक अकेले. एक जानकारी ये भी आ रही है कि अशोक के साथ उनके एक चचेरे भाई भी जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने आखिरी वक्त में प्लान बदल लिया था.

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प्लेन के क्रेश की जानकारी मिलने पर वैभवी के पड़ोसी ने कहा,

'हम सब शॉक में हैं. घर पर सिर्फ़ वैभवी की बुज़ुर्ग मां ही हैं. उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. वैभवी की मां का कुछ दिनों पहले ऑपरेशन हुआ था और वो घर में अकेली हैं.

वैभवी मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित एक प्राइवेट कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करती थीं. बेटा धनुष इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और बेटी रितिका स्कूल में थी. अशोक की ओडिशा में एक HR कंसल्टेंसी फर्म है.

हालांकि, मामला सामने आने के बाद से ही एक अजीब संयोग भी सामने आया है. 14 मई, 2012 को पोखरा से जोमसोम जा रहे एक विमान का भी ऐक्सीडेंट हो गया था. 10 साल का फ़ासला, सेम रूट. दस साल पहले हुए इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी. 

वीडियो: वो हादसे जिन्होंने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया

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