The Lallantop

टीवी शोज़ में दूसरे की पत्नियों को देखकर पुरुषों की कामुकता क्यों जाग जाती है?

उन शोज़ में जिन्हें हम परिवार के साथ बैठकर देखते हैं.

Advertisement
post-main-image
बाएं से दाएं: 'भाभीजी घर पर हैं' शो में अनीता भाभी का रोल अब तक सौम्या टंडन कर रही थीं. 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबिता के किरदार में मुनमन दत्ता.

खबर मिली कि टीवी शो 'भाभीजी घर पर हैं' की 'अनीता भाभी' बदल गईं. वही अनीता भाभी जिन्हें शो में गोरी मेम भी कहा जाता है. इसे अब तक सौम्या टंडन प्ले कर रही थीं. मगर अब इसे नेहा पेंडसे प्ले करेंगी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

भाभी मां समान होती है. 70 के दशक से लेट 90s तक आने वाला एक आइडिया. बॉलीवुड फिल्मों से निकला एक आइडिया. हम आपके हैं कौन वाली रेणुका शहाणे, हम साथ-साथ हैं वाली तबू या फिर विवाह फिल्म में लता सबरवाल वाली भाभी का आइडिया. मगर सभी संस्कारी और पारिवारिक आइडियाज की एक ख़ास बात होती है. पैरेलेल दुनिया में कोई उन्हें एडल्ट आइडियाज में बदल रहा होता है. सविता भाभी, कविता भाभी और मधुर कहानियों की जाने कितनी भाभियां.

लेकिन अगर आपको लगता है कि भाभियों को 'ऑब्जेक्ट ऑफ़ डिज़ायर' केवल एडल्ट फ़िल्में ही मान रही हैं तो आप गलत हैं. ये काम लगातार हमारी टीवी इंडस्ट्री कर रही है. और उन सुपरहिट शोज़ में कर रही है जिन्हें आप पूरे परिवार के साथ देखते हैं. यहां तक कि घर के बच्चों के साथ देखते हैं. और ये शोज़ आपके संस्कारी बच्चों के लिए ये कतई एस्टेब्लिश नहीं करते कि भाभी मां सामान होती है.

Advertisement

अनीता भाभी/ गोरी मेम

इस शो में दो पड़ोसी हैं. मनमोहन तिवारी और विभूति मिश्रा. हैं तो इनकी पत्नियां भी. मगर शो को लिखा ही पुरुष की निगाह से देखने के लिए गया है. मनमोहन और विभूति, दोनों का दिल एक दूसरे की 'मिसेज़' पर आया हुआ है. ज़ाहिर है, इसमें किसी भी पत्नी का पॉइंट ऑफ़ व्यू काउंट नहीं करता. दोनों एक-दूसरे की पत्नियों को रिझाने में लगे हैं.

मनमोहन और उनकी ग्रामीण भोली-भाली वाइफ ज़रा ट्रेडिशनल कपल हैं. अनीता और विभूति मॉडर्न कपल हैं. विभूति को अंगूरी भाभी का भोलापन पसंद है. मनमोहन को अनीता भाभी का बेबाकपना पसंद है. यानी जो उनकी पत्नियों में नहीं है, उसे वो बाहर खोजने निकले हैं.

जहां अंगूरी भाभी की पूरे मोहल्ले में भाभी-मां की छवि है. अनीता की छवि एक ऐसी गोरी मेम की है जिसको दूर से देखा जाता है. जिसके बारे में कामुक कल्पनाएं की जाती हैं. मनमोहन तिवारी का भी ऐसा हाल है. उनकी हालत सड़क के उस कुत्ते जैसी है जो किसी दावत के बाहर खड़ा खाने को चाहत भरी आंखों से देखता है. वो यूं तो मौका निकालकर रोज़ ही अनीता के घर जाते हैं कि किसी न किसी बहाने उनसे बात कर सकें. लेकिन हल्की-सी भनक भी लग जाए कि कोई उनकी पत्नी से आकर मिला है तो उनके कान खड़े हो जाते हैं. खिड़की से झांकते हैं कि अनीता भाभी के बेडरूम में क्या चल रहा है.

Advertisement

Bhabiji Ghar Par Hain 2
'भाभीजी घर पर हैं' के एक सीन में अनीता भाभी और मनमोहन. (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट)

अनीता का किरदार मोहल्ले और आमतौर पर टीवी के स्टैंडर्ड्स के हिसाब से काफी फॉरवर्ड है. इसे प्ले करने वाली सौम्या टंडन 'मिड डे' से हुई बातचीत में कहती हैं:

"मुझे लगता है भाभी का ये कैरेक्टर टीवी की दुनिया में सबसे अलग है. टीवी पर सभी हिरोइनें मासूम होती हैं. रो-रोकर दूसरों से मदद की गुहार लगाने वाली. पति या ससुरालवालों से प्रताड़ित होने वाली. वहीं अनीता बोल्ड, सबसे अलग, रोमैंटिक, मज़बूत और आत्मनिर्भर है. सभी पूर्वाग्रहों को तोड़ती है."

गोरी, स्लिम, देसी मर्दों के बीच अंग्रेज़ी बोलने वाली, स्लीवलेस ब्लाउज पहनने वाली ये भाभी पड़ोस के तिवारी जी से बात करने में शर्माती नहीं है. उन्हें चुप भी करा देती है. पुरुष ऑडियंस अनीता को देखते हुए मनमोहन ही बन जाता है. मनमोहन का किरदार करने वाले रोहिताश गौड़ 'टेलीचक्कर' को दिए एक इंटरव्यू में कहते हैं:

"शो को खास पुरुषों के लिए एक एडल्ट कॉमेडी के तौर पर बनाया था. औरतों और बच्चों को दिमाग में रखकर नहीं बनाया था. फिर हमने देखा इसे बच्चे भी देख रहे हैं तो हमने इसका 'नॉटी एलिमेंट' कम कर दिया."

पुरुष की निगाह से, पुरुष की निगाहों के लिए बने इस शो में अनीता एक ऐसी महिला है जो आपकी पत्नी नहीं है. आपकी पहुंच से बाहर है. इसलिए वो आपकी चाहत है.

बबिता जी

गोरी, अंग्रेज़ी बोलने वाली, तथाकथित मॉडर्न विवाहित पड़ोसन की यही चाह फैमिली शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी दिखती है. अटूट परिवार और सामूहिकता के कॉन्सेप्ट को प्रमोट करता ये शो बड़े बारीक तरीके से भारतीय पुरुष की फैंटेसी को कैप्चर करता है. जेठालाल का बबिता पर क्रश है, ये बात पहले दिन में न सिर्फ साफ़ की गई है, बल्कि शो के कई मेन थीम्स में से एक है.


Taarak Mehta (2)
तारक मेहता पर बनने वाले 10 में से 8 मीम्स जेठा और बबिता पर होते हैं.

बबिता को उसके तमिल पति के साथ पेयर किया गया है. पति कृष्णन अइय्यर की शक्ल-ओ-सूरत बबिता से बिलकुल अलग है. इस कंट्रास्ट को ये शो कॉमेडी के तौर दिखाता है. साथ ही जेठालाल को ये फीलिंग देता है कि लंगूर (अइय्यर ) के हाथ अंगूर (बबिता) लग गया. वरना एक काले चेहरे वाले पुरुष को गोरी वाइफ कैसे मिल सकती है- वो तो डिज़र्व ही नहीं करता. इसी तरह का कंट्रास्ट 'भाभी जी...' में भी बनता दिखता है. जिसमें अनीता ही घर चलाती है. जबकि उसका पति विभूति 'नल्ला' बुलाया जाता है. शो उसे दूसरे मर्दों से कुछ कम मर्द दिखाता है.

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले किसी भी युवा को ये बताना न होगा कि तारक मेहता पर बनने वाले 10 में से 8 मीम्स जेठा और बबिता पर होते हैं. और उसका कॉन्टेंट ऐसा होता है जिसे आप देखकर डिलीट ही कर देना बेहतर समझते हैं.


Taarak Mehta (1)
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के किरदार बबिता और जेठालाल पर बना एक और मीम.

दूसरे पुरुष की पत्नियां

पड़ोसनों से रोमैंस की चाह रखना कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है. अंग्रेजी की कहावत 'लव दाय नेबर' यानी अपने पड़ोसी से प्रेम करो को इंडियन टीवी इंडस्ट्री ने बहुत पहले ही लिटरली लेना शुरू कर दिया था. मुझे मेरे बचपन का शो 'श्रीमान-श्रीमती' याद आता है. आपको भी याद होगा. जिसमें अर्चना पूरण सिंह का कैरेक्टर एक ग्लैमरस एक्ट्रेस का था. जिसकी चाहत रखता था उनका पड़ोसी केशव कुलकर्णी (जतिन कनाकिया). जिसकी खुद की पत्नी (रीमा लागू) एक बेहद सिंपल गृहणी थी. अंगूरी भाभी और दयाबेन की तरह ही. प्रेमा का पति दिलरुबा (राजेश बेदी) का किरदार पौरुष से दूर था. स्त्रीनुमा ये आदमी प्रेमा जैसी तेज़ लड़की को कैसे डिज़र्व कर सकता है. यही प्लॉट कॉमेडी के लिए इस्तेमाल किया गया था.

पारिवारिक दिखने वाले इन शोज़ में भी बारीकी से ये साबित किया जाता रहा है कि पुरुष शादियों के बाहर जाकर पड़ोसनों की चाहत रख सकते हैं. कॉमेडी यही है कि वो चाहत कभी पूरी नहीं होगी. इसके उलट क्या आपने कोई शो देखा है? जिसमें कोई शादीशुदा महिला एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रखने की चाहत रखती हो? रखती हो तो क्या वो एक फैमिली कॉमेडी का प्लॉट बन पाएगा? सोचिएगा.


Advertisement