बॉलीवुड सितारों की पत्नियां कैसे रहती हैं? यही बताने के लिए नेटफ्लिक्स पर आई है एक सीरीज़. नाम है- The Fabulous Lives of Bollywood Wives. अभी इसका दूसरा सीज़न रिलीज़ हुआ है और इसमें एक शब्द बोला गया, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. शब्द है- डिज़ाइनर वजाइना. डिज़ाइनर कपड़े और डिज़ाइनर बैग्स तो मैंने सुने थे लेकिन 'डिज़ाइनर वजाइना' कभी नहीं. मैंने इसके बारे में इंटरनेट पर खोजा, कई जगहों पर लिखा आया- वजाइना को सुंदर बनाने वाली सर्जरी. पहली बात तो ये कि ‘सुंदरता’ एक सब्जेक्टिव चीज़ है, सब्जेक्टिव यानी इसका मतलब हर व्यक्ति के लिए अलग है. दूसरी बात ये कि क्या सच में ऑपरेशन करके औरतों के प्राइवेट पार्ट्स के शेप को बदला जा सकता है? इस तरह की सर्जरी की ज़रूरत क्या है?
औरतें ये ऑपरेशन करवाकर अपने प्राइवेट पार्ट को 'सुंदर' बना रही हैं, जानिए ऑपरेशन की कीमत!
ये डिज़ाइनर वजाइना क्या है, जिसकी आजकल खूब चर्चा हो रही है.


ये समझने के लिए हमने बात की कॉस्मेटिक सर्जन डॉक्टर शिल्पी से और उनसे समझा कि ये होता क्या है? डॉक्टर शिल्पी ने हमें बताया कि इस सर्जरी के लिए 'डिज़ाइनर वजाइना' शब्द का इस्तेमाल करना गलत है. इस सर्जरी को मेडिकल की भाषा में लैबियाप्लास्टी कहा जाता है, जिसमें वजाइना के लिप्स को छोटा किया जाता है या उनका शेप बदला जाता है.
इसे और डिटेल में समझते हैं. महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स के दो हिस्से होते हैं. बाहरी हिस्सा वल्वा और भीतरी हिस्सा वजाइना. जिसे ज़्यादातर लोग वजाइना समझते हैं वो वजाइना नहीं वल्वा होता है. वल्वा देखने में होंठ जैसा नज़र आता है. अब होंठ भी दो तरह के होते हैं. एक वो जो बाहर की तरफ होता है और देखने में बड़ा होता है उसे लेबिया मेजोरा कहते हैं. वहीं अन्दर वाले यानी छोटे होंठ को लेबिया माइनोरा कहते हैं.
सेक्स, प्रेग्नेंसी और उम्र के बढ़ने की वजह से लेबिया मेजोरा का साइज़ बढ़ जाता है. इनके बड़ा होने की वजह से ये आपस में घिसने लगते हैं और इन पर ज़ख्म हो जाते हैं. अगर लेबिया माइनोरा यानी अन्दर वाले होंठ का साइज़ बढ़ जाता है तब भी यही परेशानी होती है. जिसको सही करने के लिए एक सर्जरी की जाती है उसे कहते हैं लेबियाप्लास्टी. इसके अलावा क्लिटोरिस की भी सर्जरी की जाती है. क्लिटोरिस महिलाओं में सेक्स के दौरान ऑर्गैज़्म के लिए जिम्मेदार होता है. उम्र के साथ उसके ऊपर स्किन आने लगती है और ऑर्गैज़्म फील होना बंद हो जाता है. जिस वजह से कई महिलाएं ये सर्जरी करवा रही हैं. ताकि वो अपनी सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकें.
डॉक्टर शिल्पी ने ये भी बताया कि वैसे तो ज़्यादातर महिलाओं में लेबिया माइनोरा का शेप और साइज़ नॉर्मल ही होता है लेकिन कुछ लोगों में इनका साइज़ नॉर्मल से थोड़ा बड़ा होता है. जिस वजह से एकदम फिटिंग वाले कपड़े पहनने में ये अजीब दिखते हैं. ये भी एक कारण है कि लोग इस सर्जरी की तरफ बढ़ रहे हैं. कई बार लोगों को मेडिकली इसकी ज़रूरत नहीं होती है लेकिन लोग सिर्फ कॉस्मेटिक वजहों से इस सर्जरी को करवाते हैं.
- अगर बच्चे के जन्म के समय वजाइना का टिशू फट जाए तो उसे ठीक करने के लिए सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है. कई बार एज और मेनोपोज़ की वजह से वजाइना का बाहरी हिस्सा ढीला पड़ जाता है. जिस वजह से सेक्स करने में परेशानी हो सकती है. तब भी लेबियाप्लास्टी कराई जाती है.
- कई बार डिलीवरी के बाद स्ट्रेस इनकॉनटिनेन्स हो जाता है. मतलब किसी भी तरह का शारीरिक काम करने पर- जैसे खांसना, छींकना या हंसने पर ब्लेडर पर जोर पड़ता है और आप यूरीन कंट्रोल नहीं कर पाते. जिस वजह से हल्का सा सुसु निकल जाता है. इसे सही करने के लिए भी एक छोटी सी सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है.
- अगर आपके जेनिटल एरिया में मस्से, छाले या दाने जैसे महसूस हों तो आप सर्जरी से इन्हें हटवा सकते हैं.
आजकल कॉस्मेटिक कारणों से यानी महिलाओं के योनी भाग को कथित तौर पर सुन्दर बनाने, उनमें कसाव लाने, दोनों लिप्स को प्लम्प बनाने या उन्हें छोटा करने के लिए भी सर्जरी की जाती है. इसके कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. कई बार सर्जरी के बाद सिचुएशन पहले से भी ज्यादा खराब हो जाती है.
डॉक्टर शिल्पी ने बताया कि लेबियाप्लास्टी 50 हज़ार से 90 हज़ार रुपये तक में हो जाती है.
पॉर्न की वजह से बढ़ रहा डिज़ाइनर वजाइना की मांग?बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, युवा पॉर्न देखकर एक परफेक्ट वजाइना या पीनस की छवि अपने दिमाग में बना लेते हैं. ऐसे में ये उम्मीद करने लगते हैं कि उनके पार्टनर के जेनिटल्स वैसे ही हों जैसे उन्होंने पॉर्न में देखा था. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 18 से कम उम्र की लड़कियों में लेबियाप्लास्टी का चलन बढ़ रहा है.
हालांकि, जिस तरह हर शरीर अलग होता है, हर चेहरा अलग होता है वैसे ही हर व्यक्ति के प्राइवेट पार्ट्स भी अलग होते हैं. उन्हें किसी एक खाके में फिट नहीं किया जा सकता है, न ही करना चाहिए. क्योंकि कोई भी सर्जरी आपके शरीर के नैचुरल फॉर्म को प्रभावित करती है. डॉक्टर शिल्पी ने भी यही कहा कि अगर मेडिकली ज़रूरत न हो तो लेबियाप्लास्टी को अवॉइड करना चाहिए.
टिप-टॉप: वजाइना से जुड़े ये सच आप जानते नहीं होंगे












.webp?width=275)
.webp?width=275)

.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)



