CRPF की सांकेतिक तस्वीर (बाएं) और DIG खजान सिंह (दाएं).
3 दिसंबर 2020 को CRPF की एक महिला कॉन्स्टेबल ने दो सीनियर अफसरों पर रेप, धमकी देने और यौन शोषण करने के आरोप लगाए. मामले में FIR भी हुई. लेकिन जब महिला को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तब कथित तौर पर वो सभी आरोपों से मुकर गई. 30 साल की ये कॉन्स्टेबल फोर्स की रेसलिंग टीम की तरफ से खेलती है और कई मेडल भी जीत चुकी है.
क्या है पूरा मामला? इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, पुलिस ने बताया कि महिला कॉन्स्टेबल को जब मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तब उसने कहा कि उसका रेप नहीं किया गया था. वो निजी और प्रोफेशनल कारणों की वजह से परेशान थी. अब महिला के पलट जाने के बाद कानूनी सलाह ली जा रही है. इसी के साथ CRPF द्वारा इस मामले को लेकर बनाई गई इंटरनल कम्प्लेंट्स कमिटी की जांच के नतीजों का इंतज़ार हो रहा है. इस मामले को लेकर हमने बात की विजया लक्ष्मी से. विजया एडवोकेट हैं, सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं. उन्होंने बताया कि
ये मामला चूंकि अभी जांच की शुरुआती स्टेज में है, इसलिए क्रिमिनल कोर्ट यहां से मामले का निपटारा जल्दी कर सकती है. कोर्ट यह भी निर्णय ले सकती है कि होस्टाइल होने (बयान से पलटने) के कारण महिला पर भी कुछ जुर्माना लगाया जाए. क्योंकि इस तरह कोर्ट का समय भी ज़ाया होता है. बाकी इंटरनल कमिटी के सामने मामला जिस तरह चल रहा है, वो चलता रहेगा.
मामले का बैकग्राउंड क्या है? कॉन्स्टेबल ने 3 दिसंबर को दिल्ली के बाबा हरिदास नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाई थी. टीम के कोच इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह और चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर खजान सिंह के खिलाफ. खजान सिंह CRPF में DIG हैं. तैराकी के चैम्पियन हैं. 1986 में सियोल में हुए एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं. उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. ‘इंडिया टुडे’ की कमलजीत कौर संधु की रिपोर्ट के मुताबिक, CRPF रेसलर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सुरजीत सिंह और खजान सिंह, दोनों ही CRPF में सेक्स स्कैंडल चलाते हैं. इनके कई साथी हैं. वो महिला कॉन्स्टेबल्स का यौन शोषण करते हैं.
और क्या आरोप लगाए कॉन्स्टेबल ने? महिला रेसलर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह और DIG खजान सिंह ने कई साल तक उसका यौन शोषण किया. बात बाहर न जाए, इसका भी दबाव बनाते रहे. महिला ने शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा-
“मैंने साल 2012 में सेंट्रल रेसलिंग टीम जॉइन की. सुरजीत सिंह, जो रेसलिंग टीम के कोच हैं, उन्होंने मेरा और मेरी टीम की बाकी लड़कियों का यौन शोषण करना शुरू कर दिया. ट्रेनिंग देने के बहाने. वो मुझे और टीम की बाकी लड़कियों को अनुचित तरीके से टच करते थे. उन्होंने मेल कोच होने का फायदा उठाया. वो मुझसे और बाकी लड़कियों से अलग से मुलाकात करने को कहते थे. उन्होंने भद्दे मैसेज भेजने भी शुरू कर दिए. जैसे- ‘किस दे दो’, ‘आई लव यू’, ‘अपने न्यूड फोटोज़ भेजो’. वो शेड्यूल्ड टाइम से पहले मुझे ड्यूटी पर रिपोर्ट करने को कहते थे. इसका एक ही मकसद होता था, मेरा शोषण करना.”
महिला कॉन्स्टेबल ने आगे आरोप लगाए कि सुरजीत सिंह DIG (स्पोर्ट्स) खजान सिंह के निर्देशों पर काम करते थे. स्पोर्ट्स टीम की लड़कियों और बाकी लड़कियों से खजान सिंह को सेक्शुअल फेवर देने को कहते थे. महिला कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि खजान सिंह ने भी उसे फोन पर भद्दे और अश्लील मैसेज भेजे. महिला रेसलर ने शिकायत में कहा,
“वो (खजान सिंह) ये मैसेज और फोन कॉल्स करने के लिए अलग-अलग नंबर का इस्तेमाल करते थे. सेक्शुअल फेवर देने की डिमांड करते थे. फोन पर बात करने का दबाव भी बनाते थे.”
महिला कॉन्स्टेबल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों ने अक्टूबर-नवंबर 2014 में उसका रेप किया था. दोनों उसे वसंत कुंज के एक फ्लैट में लेकर गए थे. महिला ने कहा-
“दोनों ने तीन दिन तक मेरा रेप किया. 2014 में 31 अक्टूबर और 2 नवंबर के दिन दोपहर में खजान सिंह और सुरजीत सिंह दोनों ने रेप किया. 1 नवंबर को सुरजीत सिंह ने अकेले रेप किया.”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने मेटरनिटी लीव से लौटने के बाद ये शिकायत दर्ज करवाई. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कॉन्स्टेबल ने ये भी दावा किया कि उसने 2014 में CRPF के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) से इस मामले की आधिकारिक शिकायत की थी. लेकिन आरोपियों ने उसके ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया. इसके बाद एक और महिला कॉन्स्टेबल ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी. महिला का आरोप है कि उसने तब भी सुरजीत सिंह और खजान सिंह के बारे में सब बताया था, लेकिन उनका बयान न रिकॉर्ड किया गया और न आगे पेश किया गया. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ DIG खजान सिंह भी जांच अधिकारी के सामने पेश हुए और अपना बयान दर्ज करवाया. खजान सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारा है. इस मामले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है क्योंकि जांच अभी भी जारी है.