साल का वो वक़्त आ गया है जब हवा ठंडी और भारी हो जाएगी. कुछ फीट दूर देख पाना मुश्किल हो जाएगा. ऐसा कोहरे के कारण नहीं, प्रदूषण और स्मोग के कारण होता है. सांस लेने में तकलीफ़ होने लगती है. सांस से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. एलर्जी होने लगती है. अगर दिल्ली-NCR में रहते हैं तो आपसे हमें फ़ुल हमदर्दी है. एक-एक दिन काटना मुश्किल हो जाता है. अब करें क्या. शहर, घर, नौकरी छोड़कर कहीं जा तो नहीं सकते. पर हर कुछ दिन में बीमार पड़ना भी ऑप्शन नहीं है. तो क्या करें? इसी दिक्कत का इलाज ढूंढने के लिए हमने बात की एक्सपर्ट्स से.
बढ़ते प्रदूषण में भी शहर में रहने को मजबूर हैं तो ये टिप्स बहुत काम आएंगी
एक्सरसाइज़ और योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें. लेकिन प्रदूषण के वक्त बाहर एक्सरसाइज़ और योग न करें. इसके बजाए घर पर ही एक्सरसाइज़ और योग करें.


ये हमें बताया डॉ. अर्जुन भटनागर ने.

- सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि हवा में कितना प्रदूषण मौजूद है. इसका पता AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) से चलता है.
- AQI कितना है, इसका पता इंटरनेट से चल जाएगा. AQI की रेंज हरे से गहरे लाल रंग के बीच होती है.
- हरा रंग यानी अच्छी हवा, पीला रंग यानी थोड़ी खराब हवा और लाल का मतलब है हवा में प्रदूषण बहुत ज्यादा है.
- यानी अगर आपके इलाके में AQI का स्तर 150 से ऊपर है तो ये खराब माना जाता है.
- प्रदूषण से खुद को बचाने के कुछ आसान से तरीके हैं.
- जैसे कि जब AQI बहुत ज्यादा हो तो घर से बाहर निकलने से बचें.
- अगर बाहर जाना जरूरी है तो मास्क का इस्तेमाल करें.
- घर वापस आने के बाद खुद को साफ कर कपड़े बदल लें, उसके बाद ही घर के दूसरे काम करें.
- बाहर जाने से पहले रोज AQI चेक करें, क्योंकि ये दिन में कई बार बदलता है.
- जिस दिन AQI बहुत ज्यादा हो, तब घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें ताकि बाहर का प्रदूषण अंदर न आए.
- घर में वेंटिलेशन बढ़ाएं- इसके लिए एग्जॉस्ट फैन चलाएं ताकि घर की गंदी हवा बाहर निकल सके.
- AC के फ़िल्टर साफ रखें, नमी और सीलन वाली जगहों को भी साफ रखें.
- घर पर जहां धुएं वाला काम होता है जैसे रसोई, वहां एग्जॉस्ट फैन की मदद से धुएं को बाहर निकालते रहें.
- घर पर धूम्रपान बिल्कुल न करें और हो सके तो धूम्रपान छोड़ दें.
- इसके अलावा आप घर में एयर प्यूरीफायर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
- एक्सरसाइज़ और योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें.
- लेकिन प्रदूषण के वक्त बाहर एक्सरसाइज़ और योग न करें. इसके बजाए घर पर ही एक्सरसाइज़ और योग करें
- अगर एक्सरसाइज़ और योग के लिए बाहर जाना ही है तो ट्रैफिक, धूल-मिट्टी से दूर पेड़-पौधों के बीच करें.
- किसी बीमारी से नहीं जूझ रहे हैं तो, अपनी डाइट का खास ख्याल रखें.
- डाइट में हरी सब्जी, ताजे फल, ओमेगा 3 फैटी एसिड वाली चीजें खाएं.
- डाइट को और अच्छा बनाने के लिए डॉक्टर से बात करें.
- अगर आपको कोई बीमारी है तो इस वक्त अपने डॉक्टर से बात करते रहें.
- अगर आपको सांस लेने में दिक्कत होती है और इनहेलर का इस्तेमाल करते हैं तो इसे मत छोड़ें.
- समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से बात कर के दवाइयों और इनहेलर को अपने मुताबिक एडजस्ट कराएं.
- ऐसा करने से आप पर प्रदूषण का कम से कम असर पड़ता है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)













.webp?width=275)
.webp?width=275)








