शहर और शहरियों की कहानियां समेटने वाला एक ब्लॉग पेज है, ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे (Humans of Bombay). राइटर-फ़ोटोग्राफ़र करिश्मा मेहता ने 2014 में इसकी शुरुआत की थी. तीन चीज़ों के लिए सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय है: मुंबई के जीवन को उकेरने, क़िस्सा-गोई के अनोखे ढंग और मुंबई को अब तक बॉम्बे लिखने-कहने की छूट. लेकिन ये कॉन्सेप्ट असल में पुराना है. पूरा मामला जानने के लिए देखें वीडियो.
ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे ने दूसरी वेबसाइट पर मुक़दमा किया तो ह्यूमन्स ऑफ न्यू यॉर्क ने क्यों लपेट लिया?
शहर और शहरियों की कहानियां बीनने वाली दो वेबसाइटों में कॉपीराइट का मसला हो गया है. लेकिन आपस में नहीं, तीसरे की वजह से. पूरा मामला आसान भाषा में समझ लीजिये.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)












.webp?width=275)
.webp?width=275)

.webp?width=120)
.webp?width=120)




