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UP में BJP को जिताने के लिए आए हैं 'मौर्या जी'

यूपी में बीजेपी भी सोशल इंजीनि‍यरिंग की जरूरत समझती है. इसीलिए वाजपेयी को हटाकर केशव प्रसाद मौर्या को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.

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केशव प्रसाद मौर्या
उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव हैं और बीजेपी का काफी कुछ दांव पर है. बीजेपी ने केशव प्रसाद मौर्या को यूपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया है. वह लक्ष्मीकांत वाजपेयी की जगह लेंगे. बीजेपी ने शुक्रवार को कुल पांच राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदले. पंजाब, कर्नाटक, यूपी, तेलंगाना और अरुणाचल प्रदेश. पंजाब में पार्टी ने दलित लीडर विजय सांपला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. वह होशियारपुर से सांसद हैं. बीएस येदियुरप्पा को कर्नाटक, डॉ. के लक्ष्मण को तेलंगाना और तापिर गाओन को अरुणाचल का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. इनमें सबसे विवादास्पद नियुक्ति बीएस येदियुरप्पा की कही जा रही है, जिन पर करप्शन के आरोप रहे हैं.
लेकिन पार्टी के लिए उम्मीदों से भरी नियुक्ति यूपी में केशव प्रसाद मौर्या की हो सकती है. यूपी वि‍धानसभा चुनाव के लि‍ए इसे पार्टी का अहम फैसला माना जा रहा है. क्योंकि यूपी में पिछड़े तबके के वोटर बड़ी भूमिका निभाते हैं और पार्टी को उम्मीद होगी कि केशव प्रसाद मौर्या उन्हें बेहतर अड्रेस कर पाएंगे.
यूपी में बीजेपी भी सोशल इंजीनि‍यरिंग की जरूरत समझती है. हाल के दिनों में प्रधानमंत्री ने जिस तरह 'बाबासाहेब' भीमराव आंबेडकर की तारीफों के पुल बांधे हैं और आरक्षण की पुरजोर वकालत की है, उसमें भी इसकी झलक देखी जा सकती है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पिछले तीन अध्यक्ष सवर्ण थे और चुनाव में बीजेपी खास काम नहीं कर पाई थी. मौर्या को लाकर बीजेपी बसपा और सपा के वोटबैंक में सेंध लगाना चाहेगी. 2007 में केशव प्रसाद मौर्या पर ईद के दिन चांद उर्फ मोहम्मद गौस की हत्या की साजिश का आरोप लगा था. इसके लिए वे जेल भी जा चुके हैं. हालांकि‍ बाद में उन्हें बरी कर दिया गया. 2014 में फाइल किए गए एफि‍डेवि‍ट के मुताबि‍क, उन पर 11 केस दर्ज हैं. केशव प्रसाद मौर्या कौशांबी जिले के कसया गांव के रहने वाले हैं. बहुत पहले वह अखबार बेचा करते थे. फिर 18 साल तक गंगापार और यमुनापार में विश्व हिंदू परिषद के प्रचारक रहे. 2002 में उन्होंने कौशांबी के शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर पॉलिटिकल करियर शुरू किया. 2012 के चुनाव जीतने में कामयाब रहे. दो साल तक विधायक रहे. 2014 में वह नेहरू की सीट फूलपुर से लोकसभा चुनाव लड़े और पहली बार यहां से बीजेपी जीती. लोकसभा चुनाव के नामांकन में दिए एफिडेविट के मुताबिक, उनके पास पेट्रोल पंप, एग्रो ट्रेडिंग कंपनी और कामधेनु लॉजि‍स्टिक्स हैं. इलाहाबाद के जीवन ज्योति अस्पताल में पति‍-पत्नी पार्टनर हैं. सोशल वर्क के लिए उन्होंने कामधेनु चैरिटेबल सोसाइटी भी बना रखी है. इसी साल 4 जनवरी को वह जिला स्तर के संगठन चुनावों के लिए बलिया में थे. तब उन पर कुछ लोकल बीजेपी नेताओं ने हमला कर दिया था. पार्टी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने 12 नेताओं को सस्पेंड कर दिया था.

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