# येदियुरप्पा को नाम क्यों लिया?
बी. एस. येदियुरप्पा बीजेपी के बड़े नेता हैं. कर्नाटक से आते हैं. मुख्यमंत्री रहे हैं. खासा असर है उनका. लेकिन बड़े बयानबाज़ भी हैं. कई बार ऐसा हुआ है जब बोलते वक्त उनकी ज़ुबान ने साथ ना दिया हो. लेकिन गलतबयानी अगर किसी सेंसटिव मैटर पर हो तो भारी गड़बड़ हो जाती है. दरअसल एयर स्ट्राइक्स के बाद से येदियुरप्पा का एक बयान वायरल हो रहा था.

येदियुरप्पा ने बाद में इस बयान पर माफी मांगी है. लेकिन तब तक डैमेज हो चुका था
येदियुरप्पा ने कहा था कि एयर स्ट्राइक्स के बाद बीजेपी को 22 सीटों का फायदा होगा. इस पर बवाल शुरू हो गया. देशभर में विरोध हुआ. 2 दिन बाद पाकिस्तान को भी बोलने का मौका मिल गया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तानी पार्लियामेंट के जॉइंट सेशन में बिना येदियुरप्पा नाम लिए इस बयान का जिक्र कर डाला. कुरैशी कुछ ज़्यादा ही 'सरल' उर्दू बोलते हैं. इसलिए उनकी बात को सरल हिंदी में ट्रांसलेट करके लिख रहे हैं-
"मोदी की पार्टी के एक साहिबान कह रहे हैं कि हमारी कैल्क्युलेशन है, कि अगर आज सर्जिकल स्ट्राइक हो जाती है तो हमारी पॉपुलेरिटी में इजाफा होगा और हमें 22 और सीटें मिलने का अनुमान है."कुरैशी ने आगे कहा कि हमें हिंदोस्तान में होने वाले आम चुनावों से पहले ऐसे हमले होने का अंदेशा था. इनकी (येदियुरप्पा की) बातों से हमारा पॉइंट को-रिलेट कर गया.
फिर शशि थरूर को याद किया
कुरैशी ने सबसे पहले शशि थरूर को इंपोर्टेंट लीडर और आला दर्जे का डिप्लोमेट बताया. फिर जिक्र किया एक वीडियो का. वीडियो था शशि थरूर का. जिसमें वो बीजेपी पर भारत के फाउंडिंग फादर्स के आइडिया से उलट ले जाने के लिए का आरोप लगा रहे हैं. कुरैशी ने कहा-
"मैं शशि थरूर साब का वीडियो आप की खिदमत में पेश कर सकता हूं. जिसमें वो कह रहे हैं कि हिंदुस्तान की मौजूदा सरकार का विजन हमारे फाउंडिंग फादर्स के विज़न से अलग है. वो हवाला दे रहे हैं पटेल का, जवाहरलाल नेहरू का, महात्मा गांधी का. कि जिस तरह का हिंदुस्तान वे चाहते थे, मौजूदा सरकार उससे उलट काम कर रही है. बीजेपी के पास लोकसभा, राज्यसभा और स्टेट असेंबली में मेजोरिटी है. वो हिंदुस्तान के बुनियादी विज़न को बदलना चाहती है. उस विज़न को बदलना चाहती है जिस पर हिंदुस्तान के फाउंडिंग फादर्स भरोसा करते थे."

शशि थरूर इस समय कांग्रेस की ओर से केरल की त्रिवेंद्रम सीट से MP हैं.
कुरैशी ने पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर बातचीत के लिए अपील की है. पाकिस्तानी संसद में उन्होंने बताया कि इस बार रूस ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए एक कॉमन प्लैटफॉर्म बनने की पेशकश की है.
हालांकि इस पर भारत की ओर से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है. भारत का स्टैंड क्लियर है कि जब तक पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर चल रहे आतंक के अड्डे बंद नहीं करेगा, किसी भी तरह की बातचीत मुमकिन नहीं है.
वीडियो- पाकिस्तान ने जो मिसाइल हमले के लिए दागी वो उसके ही खिलाफ सबूत बनी























