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लाठी के दम पर जाट दंगाइयों को निपटाने वाली 60 साल की प्रेम देवी

आरक्षण लेने के लिए पगलाई भीड़ सब तहस नहस किए डालती थी. लेकिन इस बूढ़ी महिला के सामने हाथ जोड़ कर भाग खड़ी हुई.

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फोटो - thelallantop
कल इंटरनेशनल वीमेंस डे था. इस मौके पर दिल्ली कमीशन फॉर वीमेन ने 38 महिलाओं को उनके साहस और बहादुरी के लिए सम्मानित किया. इन महिलाओं में 60 साल की प्रेम देवी थीं. उनका किस्सा सुनोगे तो खोपड़िया भन्ना जाएगी. प्रेम देवी विधवा हैं. हरियाणा में आरक्षण मांगने के लिए जाट बौराए हुए थे. सब तहस नहस किए डालते थे. 20 फरवरी को पगलाई भीड़ गोहाना में एक पेट्रोल पंप फूंकने जा रही थी. डेयरिंगबाज प्रेम देवी ने उसको बचा लिया. 100 के करीब लोग उसके पीछे छिपे थे. उनकी जान बचाई. एक डंडा लेकर खड़ी रही वहां चार घंटे तक. पहरेदार बन कर. गुंडे आए. उनसे बात करती रही. समझाती रही. एक तो फूंकने के लिए माचिस निकाल लिहिस था. उसको किनारे ले जाकर समझाया. फाइनली वो लौट गए. वहां लगा एक CCTV कैमरा ये सब रिकॉर्ड कर रहा था. सब शांत हो जाने के बाद इस बहादुरी की कहानी सामने आई. प्रेम देवी की हिम्मत को लल्लनटॉप सलाम.

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