अमेरिका ने वेनेजुएला में अपनी सेना क्यों उतारी, इसे लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका वहां की ऑयल इंडस्ट्री पर कब्जा करना चाहता है, इसलिए यह मिलिट्री एक्शन लिया. वहीं अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक ड्रग टेरेरिस्ट भी घोषित किया है और उन पर अमेरिकी कोर्ट में ट्रायल चलाने की बात कही है. वेनेजुएला के खिलाफ मिलिट्री एक्शन और फिर मादुरो की गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए यह भी एक तर्क दिया जा रहा है. लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने खुद ही साफ कर दिया कि असल में यह ऑपरेशन चलाया क्यों गया. इसके पीछे की वजह क्या थी.
"रूस, चीन और ईरान..." वेनेजुएला में मिलिट्री एक्शन के पीछे ये है वजह, अमेरिका ने खुद बताया
US Secretary of State Marco Rubio ने खुद ही साफ कर दिया कि असल में Venezuela के खिलाफ Military Operation क्यों चलाया गया. इसके पीछे की वजह क्या थी. उन्होंने चीन और रूस का नाम लेते हुए साफ कर दिया है कि क्षेत्र में उनकी दखलअंदाजी नहीं चलेगी.


मार्को रुबियो के मुताबिक इस पूरे मिलिट्री ऑपरेशन की मुख्य वजह है वेस्टर्न हेमिस्फीयर पर अमेरिकी दबदबे को कायम रखना. यहां पर रूबियो का वेस्टर्न हेमिस्फीयर से मतलब मुख्य रूप से नॉर्थ और साउथ अमेरिका महाद्वीप का था. मार्को का कहना है कि यह हमारा बैकयार्ड है, हम यहां रहते हैं. इसे प्रतिद्वंदी देशों के ऑपरेशन का अड्डा नहीं बनने दे सकते. मालूम हो कि मादुरो का झुकाव चीन और रूस की तरफ माना जाता था. अमेरिका उन्हें एक विरोधी की तरह देखता था. इस वजह से अमेरिका हमेशा असहज रहता था कि उसके नजदीक स्थित एक देश में चीन और रूस समर्थित सरकार है. तेल भी इसकी एक बड़ी वजह मानी जाती है. वेनेजुएला के पास कच्चे तेल का बड़ा भंडार है. और इसका सबसे बड़ा खरीदार चीन है. ऐसे में अमेरिका इससे भी खुश नहीं था.
मार्को रूबियो के बयान ने भी अमेरिका की यही चिंता जाहिर की है. रूबियो से रविवार, 4 जनवरी को NBC न्यूज के एक इंटरव्यू में पूछा गया कि अगर वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन का मकसद निकोलस मादुरो को न्याय के कटघरे में लाना था, तो वहां के ऑयल इंडस्ट्री पर कब्जे की क्या जरूरत थी. इस पर रूबियो ने जवाब दिया कि यह वेस्टर्न हेमिस्फियर है, हम यहीं रहते हैं. उन्होंने कहा,
हमें अपने बैकअप के लिए वेनेजुएला के तेल की जरूरत नहीं है. हमारे पास बहुत तेल है. लेकिन हम वेनेजुएला की ऑयल इंडस्ट्री को अमेरिका के विरोधियों द्वारा चलाने की इजाज़त नहीं देंगे. आपको समझना होगा, चीन को उनके तेल की जरूरत क्यों है? रूस को उनके तेल की जरूरत क्यों है? ईरान को उनके तेल की जरूरत क्यों है? वे तो इस महाद्वीप पर हैं भी नहीं. यह पश्चिमी गोलार्ध (वेस्टर्न हेनिस्फियर) है. हम यहीं रहते हैं. और हम इसे अमेरिका के विरोधियों के लिए ऑपरेशन का अड्डा नहीं बनने देंगे. हम चाहते हैं कि उस देश के तेल से होने वाली कमाई से वेनेजुएला के लोगों को फायदा हो.
रूबियो ने आगे आरोप लगाया कि वेनेजुएला में 2014 से जो बड़े पैमाने पर पलायन हुए हैं, उसकी मख्य वजह विदेशी दखल बढ़ना ही है. उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र अस्थिर हो रहा है. उन्होंने कहा कि वे हमारे हेमिस्फियर के बाहर से आकर, हमारे अपने ही बैकयार्ड में हमारे क्षेत्र को अस्थिर नहीं कर सकते. हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ती. राष्ट्रपति ट्रंप के रहते ऐसा नहीं होगा.
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वहीं रूबियो ने यह भी साफ किया कि अमेरिका वेनेजुएला की सरकार नहीं चलाएगा. मालूम हो कि ट्रंप ने वेनेजुएला में मिलिट्री एक्शन के बाद घोषणा की थी कि अब अमेरिका ही वेनेजुएला को 'चलाएगा'. उन्होंने कहा था कि हम देश को तब तक चलाएंगे, जब तक हम एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण बदलाव नहीं कर लेते. हालांकि इंडिया टुडे के मुताबिक रूबियो ने कहा है कि अमेरिका सीधे वेनेजुएला का शासन अपने हाथ में नहीं लेगा, बल्कि उसके ऑयल टैंकरों की नाकेबंदी जारी रखेगा, जिससे वह देश की नई सरकार पर बदलावों के लिए दबाव बनाता रहेगा.
वीडियो: अमेरिका के वेनेजुएला हमले पर विदेशी नेताओं ने क्या कहा?












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