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जस्टिन ट्रूडो का दौर हुआ ख़त्म, मार्क कार्नी होंगे कनाडा के नए प्रधानमंत्री, मगर ये हैं कौन?

Mark Carney कनाडा की Liberal Party के नए लीडर चुने गए हैं. कार्नी 9 साल से इस पद पर मौजूद Justin Trudeau की जगह लेंगे.

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मार्क कार्ने जस्टिन ट्रूडो की जगह लेंगे (PHOTO-India Today/Reuters)

कनाडा की लिबरल पार्टी की लीडरशिप रेस में क्रिस्टिया फ्रीलैंड (Chrystia Freeland) को हराकर मार्क कार्नी (Mark Carney) ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है. कार्नी, 9 साल से लिबरल पार्टी के नेता पद पर मौजूद जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) की जगह लेंगे. इस रेस में उनका मुकाबला पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड से था. 59 साल के मार्क कार्नी ने लगभग 86 प्रतिशत वोट पाकर क्रिस्टिया फ्रीलैंड को हराया. इस वोटिंग में लगभग 1 लाख 52 हजार पार्टी सदस्य शामिल हुए थे.

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जनवरी 2025 में जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि वह अपना पद छोड़ने वाले हैं. इसके बाद से उनकी अनुमोदन रेटिंग (अप्रूवल रेटिंग) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. इस गिरावट के मद्देनजर सत्ताधारी लिबरल पार्टी ने उनकी जगह लेने के लिए मुकाबला शुरू करवाया. इस मुकाबले में मार्क कार्नी ने जीत हासिल की. जाते-जाते अपनी फेयरवेल स्पीच में ट्रूडो ने कहा...

कोई गलती न करें, यह हमारे राष्ट्र को परिभाषित करने वाला पल है. हमारा लोकतंत्र किसी का दिया हुआ नहीं है. हमारी स्वतंत्रता किसी की दी हुई नहीं है. यहां तक ​​कि कनाडा भी किसी का दिया हुआ नहीं है. अब कनाडा के लोग अपने पड़ोसी से अस्तित्व की चुनौती और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. कनाडा के लोग दिखा रहे हैं कि हम किस चीज से बने हैं.

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कौन हैं मार्क कार्नी?

मार्क कार्नी को कनाडा की लिबरल पार्टी ने अपना नया नेता चुना है. मार्क, कनाडा सेंट्रल बैंक के नामी बैंकर रहे हैं. मार्क का जन्म उत्तर-पश्चिम कनाडा के फोर्ट स्मिथ में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई कनाडा के ही एडमोंटन से हुई. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए. वहां उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल की. इसके बाद वे यूके गए, जहां उन्होंने मास्टर्स डिग्री हासिल की. साल 1995 में उन्होंने प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

2008 में पूरे विश्व में आई आर्थिक मंदी के दौरान वे बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर थे. सीबीएस न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कनाडा को आर्थिक संकट से बाहर लाने में उनका अहम योगदान रहा. कार्नी ने न सिर्फ कनाडा में, बल्कि अन्य देशों में भी नाम कमाया. 2010 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें 'विश्व के 25 सबसे प्रभावशाली लीडर्स' की सूची में जगह दी. 2011 में 'रीडर्स डाइजेस्ट कनाडा' ने उन्हें ‘सबसे भरोसेमंद कनाडियन’ कहा. वहीं, 2012 में 'यूरोमनी मैगज़ीन' के संपादकों ने उन्हें 'सेंट्रल बैंक गवर्नर ऑफ द ईयर' के नाम से सम्मानित किया.

(यह भी पढ़ें: डॉनल्ड ट्रंप ने जस्टिन ट्रूडो को बताया 'कनाडा का गवर्नर', क्या बात हो गई?)

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कनाडा के बैंकर रहने के अलावा, मार्क ने और भी कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला. साल 2013 में मार्क ब्रिटेन चले गए, जहां उन्होंने बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर का पद संभाला. बैंक ऑफ इंग्लैंड के 300 सालों के इतिहास में वे पहले गैर-ब्रिटिश व्यक्ति थे जिन्होंने यह पद संभाला. मार्क 2020 तक इस पद पर बने रहे. इन अहम पदों पर रहने के बाद अब मार्क अपना राजनीतिक डेब्यू करने जा रहे हैं, जहां वे देश के प्रधानमंत्री बनेंगे.

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