उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा में हुए कथित अपहरण का एक मामला चर्चा में है. बीती 25 अप्रैल को यहां कथित तौर पर 24 साल की एक लड़की को किडनैप किया गया था. उसका नाम सैयदा खातून बताया गया है. लड़की को उसके घर के पास से किडनैप किया गया था. आरोप लगा बीरेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति और उसके साथियों पर. खबरों के मुताबिक जब सैयदा खातून ने अपने परिवार से संपर्क साधने की कोशिश कि तो इससे नाराज़ होकर बीरेंद्र ने कथित तौर पर उसे रस्सी से बांधकर उसकी फोटो घर वालों को भेजी. ये भी आरोप लगाया गया है कि बीरेंद्र कुमार ने कुछ समय पहले भी सैयदा खातून को किडनैप किया था. ट्विटर पर पत्रकार आलिशान जाफरी ने अगवा सैयदा खातून की फोटो शेयर की हैं.
यूपी की सैयदा खातून दो बार किडनैप हुई या मामला कुछ और है?
24 साल की एक सैयदा खातून को किडनैप किया गया था. आरोप लगा बीरेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति और उसके साथियों पर. जब सैयदा खातून ने अपने परिवार से संपर्क साधने की कोशिश की तो इससे नाराज़ होकर बीरेंद्र ने कथित तौर पर उसे रस्सी से बांधकर उसकी फोटो घर वालों को भेजी.


मामला क्या है?
ये जानने के लिए दी लल्लनटॉप ने बात की सैयदा खातून के भाई मो. नसीम से. उन्होंने हमें बताया,
‘बीरेंद्र ने 25 अप्रैल को मेरी बहन को रात करीब 3 बजे किडनैप कर लिया था. किडनैपिंग के बाद बीरेंद्र मेरे बड़े भाई मो. नफ़ीस से मैसेंजर पर बात किया करता था. वो मैसेंजर से ही मैसेज भेजा करता था, लेकिन मैसेज भेजकर उसे तुरंत डिलीट कर दिया करता था. एक दिन मेरी बहन ने मौका पाकर उसके मैसेंजर से उर्दू में एक मैसेज किया. इसमें उसने अपनी लोकेशन के बारे में बताया और कहा कि मुझे यहां से लेकर चले जाओ. इसके पहले बीरेंद्र का फोन हमारे पास आया था और उसने धमकी देते हुए FIR दर्ज न करने को कहा और ये भी कहा कि घटना के बारे में किसी को सूचित न किया जाए.’
मो. नसीम ने आगे बताया,
‘कुछ समय बाद उसी अकाउंट से सैयदा की कुछ तस्वीरें आईं. फोटोज में वो बंधी हुई थी. मुंह पर पट्टी. हाथ पांव बंधे हुए और पैर पर फ्रैक्चर. जैसे ही ये मैसेज आया हमने तुरंत उसका स्क्रीनशॉट ले लिया, ताकि वो ये डिलीट न कर पाए. हमें लगता है मैसेज करने पर सैयदा पकड़ी गई होगी जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया गया.’
इस मामले को लेकर एक और कहानी बताई जा रही है. इसके मुताबिक कुछ समय पहले सैयदा घर छोड़कर आरोपी बीरेंद्र कुमार के साथ चली गई थी. हमने इस बारे में सैयदा के भाई मो. नसीम से पूछा तो उन्होंने बताया,
‘कुछ महीने पहले बीरेंद्र, सैयदा को इसी तरह किडनैप करके ले गया था. किडनैपिंग के बाद उसने मेरे अब्बा मजीद को फोन करके कहा कि मैं सैयदा को 2-3 दिन के लिए ले गया हूं, जो करते बने कर लो. कुछ दिन बाद वापस लाकर छोड़ दूंगा.’
मो. नसीम के मुताबिक जब सैयदा घर वापस आई थी तो उसने बताया कि वो घर के पास पानी भरने गई थी, उसी समय 4 लड़कों ने रुमाल से उसका मुंह दबाकर उसे किडनैप कर लिया था. नसीम का आरोप है कि उनका परिवार बहन की किडनैपिंग की FIR लिखवाने के लिए पुलिस के पास गया था, लेकिन उसने बहुत आना-कानी की. नसीम का कहना है कि पुलिस की तरफ से FIR दर्ज कराने की बात टालने के बाद कहा गया कि वो मामले देख लेगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले पुलिस की तरफ से कहा गया था कि महिला कुछ समय पहले एक आदमी के साथ घर से चली गई थी. तब वो शख्स नाबालिग था. दोनों को नेपाल सीमा पर पकड़ा गया था. पुलिस ने कहा था कि शर्म की वजह से उस वक्त परिवार ने कोई शिकायत दर्ज नहीं की थी और पुलिस की भागीदारी के बिना मामला आपस में सुलझा लिया गया था.
लेकिन ये मामला किडनैपिंग का है या नहीं, ये ना तो मीडिया रिपोर्टों से साफ होता है, ना ही हमारी पड़ताल में ये साफ हो सका. ये भी दिलचस्प है कि आरोपी बीरेंद्र ने सैयदा के परिवार से फिरौती नहीं मांगी है. तो क्या बंधी हुई लड़की और उसके पैर में फ्रैक्चर की तस्वीरें परिवार को डराने के लिए हैं और उसी की हैं? फिलहाल ये भी दावे से नहीं कहा जा सकता.
हमने मामले की लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए इलाके के एएसपी सुरेश चंद्र रावत से बात की. उन्होंने लल्लनटॉप को बताया कि लड़की को ढूंढ लिया गया है, लेकिन आरोपी बीरेंद्र की खोज अभी भी जारी है.
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