अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से मुलाकात की. जिसका नेतृत्व पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो कर रहे है. इस दौरान शेरमैन ने भुट्टो के सामने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. कहा कि उन्हें आंतकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए (Brad Sherman meet Bilawal Bhutto).
पाकिस्तान की तारीफ करने गए थे, करवा ली बेइज्जती, US सांसद ने बिलावल को आतंक पर खूब सुनाया
Bilawal Bhutto के नेतृत्व में अमेरिका गए पाकिस्तानी डेलीगेशन ने कांग्रेस सदस्य ब्रैड शेरमैन से मुलाकात की. शेरमैन ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उन्हें आंतकी संगठन Jaish-e-Mohammad के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. खूब सुनाया उन्होंने.
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार, 5 जून को पाकिस्तानी डेलीगेशन ने कांग्रेस सदस्य ब्रैड शेरमैन से मुलाकात की. शेरमैन ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ‘घिनौना’ बताते हुए कहा कि यह समूह 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या समेत कई जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार है. एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा,
मैंने पाकिस्तानी डेलीगेशन को आतंकवाद से लड़ने के महत्व पर जोर दिया. विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद समूह से. जिसने 2002 में मेरे निर्वाचन क्षेत्र के निवासी डेनियल पर्ल की हत्या की थी.
बताते चलें कि आतंकवादी उमर सईद शेख को 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था. शेरमैन ने कहा कि पर्ल का परिवार अभी भी उनके जिले में रहता है. अमेरिकी सांसद ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है. उन्होंने कहा,
पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई, हिंदू और अहमदिया मुसलमानों को हिंसा, उत्पीड़न या भेदभाव के डर के बिना अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.
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ब्रैड शेरमैन ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से डॉ शकील अफरीदी की रिहाई की मांग की. उन्होंने कहा कि वे अपनी सरकार से अपील करें कि डॉ. शकील अफरीदी को रिहा किया जाए. जिन्होंने ओसामा बिन लादेन को मारने में अमेरिका की मदद की थी. उन्होंने कहा कि डॉ. अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
अफरीदी एक पाकिस्तानी डॉक्टर हैं, जिन्होंने लादेन के परिवार के DNA को इकट्ठा करने के लिए नकली पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया था और CIA की मदद की थी. इसका मकसद लादेन को ढूंढ़ना था. अफरीदी को पाकिस्तानी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया था और 2012 में, एक पाकिस्तानी अदालत ने अफरीदी को 33 साल की जेल की सजा सुनाई थी.
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