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'ट्रंप वाली एपस्टीन फाइल' क्यों रोकी थी? अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने खुद बताया

ये खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को डिपार्टमेंट की तरफ से फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इन फाइलों को कांग्रेस ने कई महीनों के पब्लिक और पॉलिटिकल प्रेशर के बाद पास किया था.

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लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर लगी ट्रंप-एपस्टीन की तस्वीर (PHOTO-AP)

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) से जुड़े कुछ और रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक कर दिया है. डिपार्टमेंट ने जो फाइलें पब्लिक की हैं, उनमें एक महिला ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. डिपार्टमेंट ने कहा कि ये फाइलें गलती से रुक गई थीं इसलिए इन्हें शुरुआत में सार्वजनिक नहीं किया जा सका. बीते हफ्ते जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा था कि वो ये पता लगा रहा है कि क्या रिकॉर्ड्स गलत तरीकों से या जानबूझकर रोके गए थे? क्योंकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सार्वजनिक किए गए रिकॉर्ड में एक बहुत बड़ा हिस्सा मिसिंग है. 

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जो रिकॉर्ड मिसिंग थे, उनमें एक महिला के कई इंटरव्यू थे, जिसने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए थे. FBI ने आरोप लगाने वाली महिला का 4 बार इंटरव्यू लिया था, ताकि उसके बयान की जांच की जा सके. इसका एक छोटा सा हिस्सा (Summary) ही पब्लिक में जारी की गई फाइलों में शामिल किया गया था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक 5 मार्च, 2026 को जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि उन फाइलों को गलत तरीके से डुप्लीकेट के तौर पर कोड किया गया था इसलिए गलती से उन्हें एपस्टीन से जुड़े दूसरे इन्वेस्टिगेशन डॉक्यूमेंट्स के साथ पब्लिश नहीं किया गया. डिपार्टमेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 

जैसा कि हम लगातार करते आए हैं, अगर आम जनता में से कोई भी लाइब्रेरी में जानकारी को लेकर चिंता जताता है तो डिपार्टमेंट उसे रिव्यू करेगा. सुधार करेगा और ऑनलाइन दोबारा पब्लिश करेगा.

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रिपोर्ट के मुताबिक प्रेसिडेंट ट्रंप ने एपस्टीन के संबंध में किसी भी गलत काम से लगातार इनकार किया है. डिपार्टमेंट ने जनवरी में बताया था कि कुछ डॉक्युमेंट्स में प्रेसिडेंट ट्रंप के खिलाफ झूठे और सनसनीखेज दावे हैं जो 2020 के चुनाव से ठीक पहले FBI को सौंपे गए थे. 

सवालों के घेरे में अटॉर्नी जनरल

ये खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को डिपार्टमेंट की तरफ से फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इन फाइलों को कांग्रेस ने कई महीनों के पब्लिक और पॉलिटिकल प्रेशर के बाद पास किया था. अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के पांच रिपब्लिकन ने भी 4 मार्च को बॉन्डी को समन भेजने के लिए वोटिंग में डेमोक्रेट्स का साथ दिया है. उन्होंने मांग की कि वह शपथ लेकर सवालों के जवाब दें. ये प्रेसिडेंट ट्रंप के लिए अपनी ही पार्टी के सदस्यों में उनके प्रति बढ़ती निराशा का संकेत है.

इन फाइलों को दिसंबर 2025 में जारी किया गया था. इनके सार्वजनिक होने के बाद ट्रंप प्रशासन की लगातार फजीहत हो रही है. आलोचकों ने डिपार्टमेंट पर कुछ डॉक्यूमेंट्स छिपाने या फाइलों को एडिट करने, या कुछ मामलों में, एडिट न करने का आरोप लगाया है. कुछ मामलों में, डिपार्टमेंट ने अनजाने में न्यूड फोटो भी जारी कर दिए थे. इसमें संभावित पीड़ितों के चेहरे के साथ-साथ नाम, ईमेल, एड्रेस और दूसरी पहचान की जानकारी भी थी. ये जानकारी या तो एडिट नहीं की गई थी या पूरी तरह से छिपाई नहीं 

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गईं.

वीडियो: दुनियादारी: जेफ़्री एप्सटीन फ़ाइल्स की पूरी कहानी क्या है?

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