The Lallantop

चेहरा बता रहा था मारा है भूख ने, लोग कह रहे हैं कुछ खा के मर गया

ये सरकारी हिसाब है, 50 ग्राम खाना मुर्दे के पेट से निकले तो मौत भूख से नहीं मानी जाती है.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
यूपी के बाराबंकी में कुछ रोज पहले एक शख्स की मौत हुई.  कहा गया कि श्रीकांत दीक्षित नाम के इस बंदे की मौत खाली पेट रहने की वजह से हुई. मौत की वजह भूख थी. लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि मौत भूख से नहीं हुई. क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में श्रीकांत के शरीर से 50 ग्राम खाना निकला है.
50 ग्राम खाना जिंदा रखने के लिए काफी होता है. ये तो नहीं मालूम. पर इतना मालूम है कि इससे नेताओं का पेट भर गया है. बीएसपी, बीजेपी और कांग्रेस वालों को पेट. स्टेट की अखिलेश यादव सरकार को घेरने लगे. कहा, 'मामले में राज्य सरकार असंवेदनशील है. हड्डियों का ढांचा बन चुके श्रीकांत की मौत भूखे रहने की वजह से हुई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट को झुठलाने की कोशिश की जा रही है.'
बता दें कि हैदरगढ़ के पकरिया गांव में रविवार को श्रीकांत की मौत हो गई थी. गांव और फैमिली वालों ने कहा, 'श्रीकांत ने दो दिन से खाना नहीं खाया था. शरीर एकदम पीला पड़ चुका था.' श्रीकांत की मां कल्याणी ने कहा, 'कुछ रोज तक हमने श्रीकांत को आटा घोलकर पिलाया.' डीएम भी यही बात कह रहे हैं. बोले- श्रीकांत गरीब तो था, पर मौत भूख से नहीं हुई. श्रीकांत गांव के पास ही मजदूरी करता था. पैर में चोट लगने की वजह से मजदूरी बंद थी. कुछ रोज गांव वालों ने खाना खिलाया. बाद में इस पर लोगों ने ध्यान देना बंद कर दिया. मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा, 'हमने रिपोर्ट मंगवाई है. मदद की जाएगी. भूख से मौत का कोई मामला अब तक संज्ञान में नहीं आया है. '

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement