उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक नाबालिग गैंगरेप पीड़िता के घर को आग लगा दी गई. पीड़ित परिवार का कहना है कि गैंगरेप के आरोपियों ने ही घर को आग लगाई है. परिवार के मुताबिक जमानत पर छूटे आरोपी पीड़िता पर सुलह करने का दबाव बना रहे थे. पीड़ित परिवार ने जब सुलह करने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की. उनके घर में आग लगा दी. इस घटना में पीड़ित परिवार के दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए, जिनका इलाज चल रहा है.
उन्नाव गैंगरेप के आरोपियों ने पीड़िता का घर जला डाला, परिवार के बच्चे बुरी तरह झुलसे
आरोपी हाल ही में जेल से छूटे थे.


आजतक के विशाल चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 17 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की है. गैंगरेप के दो आरोपी एक महीने पहले जेल से जमानत पर छूटे थे. 17 अप्रैल की रात दोनों आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ नाबालिग दलित पीड़िता के घर पहुंचे. वे कथित रूप से गैंगरेप के केस में सुलह का दबाव बना रहे थे. फिर गाली-गलौज करने लगे. पीड़िता और उसकी मां के विरोध करने पर उनको लाठी-डंडे से पीटा. जान से मारने की धमकी दी.
फिर आरोपियों ने उनके घर में आग लगा दी. आग में पीड़िता का 7 महीने का बेटा और 2 महीने की बहन गंभीर रूप से झुलस गए. बताया जा रहा है कि दोनों मासूम 40-45 प्रतिशत झुलसे हैं. घटना के बाद पीड़िता, उसकी मां और बच्चों को कानपुर हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक घटना मौरावां थाना क्षेत्र के लादखेड़ा गांव की है. 31 दिसंबर, 2021 और 13 फरवरी, 2022 को नाबालिग का गैंगरेप हुआ था. मामले में पीड़िता ने गांव के अरुण, अमन और सतीश पर केस दर्ज कराया था. पुलिस ने गैंगरेप के आरोपियों पर POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था. सितंबर, 2022 में नाबालिग ने एक बेटे को जन्म दिया था.
पीड़िता की मां ने मीडिया से बातचीत में बताया,
“मेरी लड़की के साथ गलत काम किया गया है. एक महीने पहले जेल से जमानत पर छूटे आरोपियों में से अमन और सतीश अपने साथियों के साथ घर पहुंचे. वो लोग केस वापस लेने का दबाव बनाने लगे. केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी. मेरी लड़की को मारा, मुझे मारा. बच्चों को उठा कर आग में फेंक दिया. रोशन, रंजीत, सतीश, सुधीन, लोचन, चंदन लाल व राजबहादुर (आरोपी) कहते कि अपना केस वापस ले लो नहीं तो तुम को जान से मार डालेंगे. आग से दो बच्चे जले हैं. एक मेरी बिटिया का बच्चा है. एक मेरा बच्चा है.”
उन्नाव के अपर जिलाधिकारी (ADM) नरेन्द्र सिंह ने बताया कि आग लगाने की घटना पहले की घटना से जुड़ी हुई है. 13 फरवरी, 2022 को नाबालिग का गैंगरेप हुआ था. पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों पर FIR दर्ज की थी. इनमें से दो लोग जमानत पर बाहर आए हैं. उन्होंने आगे बताया कि उनकी पीड़िता से बात हुई है. पीड़िता ने बताया है कि दो मासूम बच्चों की हत्या का प्रयास किया गया है. ADM ने बताया कि पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है. अभी पीड़िता ने तहरीर नहीं दी है. तहरीर के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
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