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UN में वॉकआउट पर भड़के नेतन्याहू, बोले- 'कोई और कायर बचा है तो बाहर चला जाए'

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल हुए. लेकिन जब उनकी स्पीच शुरू हुई, उससे पहले ही कई देशों के डिप्लोमैट ने असेंबली हॉल से वॉकआउट कर दिया. इससे इजरायली पीएम भड़क गए.

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बेंजामिन नेतन्याहू की स्पीच से पहले कई देशों के डिप्लोमैट हॉल छोड़ कर चले गए. (courtesy: रॉयटर्स)

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  • संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्पीच के दौरान कुछ देशों के डिप्लोमैट्स ने असेंबली हॉल से वॉकआउट किया, जिसके बाद नेतन्याहू ने उन्हें ‘मोरल कॉवर्ड’ कहा।
  • नेतन्याहू के भाषण के पीछे ईरान की न्यूक्लियर गतिविधियों और क्षेत्रीय विवाद जैसे कारण हैं, साथ ही इजरायल और कुछ मध्य पूर्व देशों के बीच बढ़ते तनाव ने इस प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
  • इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विचार-विमर्श में वृद्धि की संभावना है, जिससे आगे की वार्ताओं और विवाद समाधान की दिशा पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र चल रहा है. इस दौरान दुनिया के कई बड़े देशों के नेता यहां पहुंचे हुए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी इसमें शामिल हुए. लेकिन 24 सितंबर को उनकी स्पीच शुरू होने से पहले ही कई देशों के डिप्लोमैट ने असेंबली हॉल से वॉकआउट कर दिया. इसके बाद नेतन्याहू ने उन्हें नैतिक रूप से कायर यानी ‘मोरल कॉवर्ड’ कहा और अपनी स्पीच शुरू की. 

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इस दौरान कुछ लोगों ने इजरायल के समर्थन में नारे भी लगाए. कहा “Am Yisrael Chai” यानी इजरायल के लोग ज़िंदाबाद रहें. फिर बेंजामिन नेतन्याहू की स्पीच शुरू हुई, जिसमें उन्होंने उन देशों पर निशाना साधा जिनके डिप्लोमैट हॉल से बाहर जा रहे थे.

‘और किसी कायर को बाहर जाना हो’

बेंजामिन नेतनयाहू ने अपना भाषण शुरू करते हुए कहा, “अगर कोई और भी नैतिक रूप से कायर व्यक्ति है, जिसने अभी तक यह हॉल नहीं छोड़ा है, तो कृपया अभी बाहर चले जाएं”. उन्होंने बताया कि जिन देशों के राजदूत हॉल से बाहर गए हैं, उनमें से कुछ देशों ने इजरायल का शुक्रिया अदा किया था. ये बात ईरान जंग से जुड़ी है. उनका कहना है कि ये दोहरेपन को दिखाता है कि प्राइवेट में उन्होंने बात की और यहां से बाहर चले गए.   

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इजरायली पीएम ने आगे अपने बयान में कहा कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को अगर नहीं रोका जाता तो सभी लोग मारे जाते. वे इसे बतौर पीएम सबसे अहम फैसला मानते हैं. इसके बाद फ्रांस और ब्रिटेन की चुटकी ली. बोले कि जिस देश ने खुद ‘कोलोनियलिज़्म’ यानी उपनिवेशवाद को जन्म दिया है वो हमपर उपनिवेशवाद का आरोप कैसे लगा सकता है.  

अपनी स्पीच में उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा को भी निशाने पर लिया. अहमद अल शरा ने अपनी स्पीच में गोलन हाइट्स को सीरिया का हिस्सा बताया था. नेतन्याहू ने कहा 'गोलन हाइट्स तो मूसा के समय से यहूदियों का है. आप चाहें तो बाइबिल पढ़ लें.'    

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ईरान का विरोध

बेंजामिन नेतन्याहू की स्पीच के दौरान ईरानी डेलीगेशन हॉल से बाहर तो चले गए मगर एक मैसेज छोड़ गए. ईरान की खास कुद्स फ़ोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर विरोध के तौर पर अपनी डेस्क पर रख दी. सुलेमानी 3 जनवरी, 2020 को बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे. यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर किया गया था.

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ईरानी डेलीगेशन की सीट पर पूर्व कमांडर की तस्वीर. 

इजरायली पीएम ने इस दौरान कतर पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि कई दूसरे देशों ने मेरे देश के बारे में झूठ फैलाने के लिए अनगिनत अरबों डॉलर खर्च किए हैं. आगे कहा कि ये वही कतर है जिसने 7 अक्टूबर को हमास के हत्यारों को पनाह दी थी. तुर्किए पर निशाना साधते हुए नेतन्याहू ने कहा, ‘अब एंटी-सेमिटिक झूठ का सुपर स्प्रेडर बनने वाला सबसे नया देश तुर्किए है. एर्दोगन एक तानाशाह है.’

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