देशद्रोह का आरोप झेल रहे उमर खालिद समेत पांच जेएनयू स्टूडेंट्स कैंपस में हैं. जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने सोमवार को वाइस चांसलर के साथ बैठक कर तीन डिमांड रखीं. वीसी ने वादा किया कि पुलिस कैंपस में दाखिल नहीं होगी. 9 फरवरी को जेएनयू सिक्योरिटी की बनाई वीडियो को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा. JNUTA ने पूरे एपिसोड में वीसी को गुमराह करने के आरोप में रजिस्ट्रार को हटाने की मांग की. दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा, 'पुलिस ने सबूतों के आधार पर ही कन्हैया को अरेस्ट किया है. आगे भी पूरी जांच के बाद ही किसी की गिरफ्तारी की जाएगी.' दिल्ली पुलिस ने कहा कि अगर सरेंडर नहीं किया तो दूसरे तरीके तलाशने होंगे. लेकिन फिलहाल कैंपस में दाखिल होकर अरेस्ट करने का दिल्ली पुलिस का कोई प्लान नहीं है. https://twitter.com/ANI_news/status/701748374458904579 इससे पहले 10 से ज्यादा दिनों तक अंडरग्राउंड रहने के बाद देशद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्र कैंपस लौट आए हैं. रविवार रात एडमिन ब्लॉक के पास छात्रों की मीटिंग हुई जिसमें उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, रामा नागा, अनंत प्रकाश नारायण और आशुतोष कुमार शामिल हुए. हालांकि पुलिस आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी के लिए जेएनयू गेट पर तैनात है. देर रात करीब 12:50 बजे पुलिस की तीन गाड़ियां कैंपस में दाखिल हुई थीं, लेकिन छात्रों के सुबह सरेंडर करने के वादे के बाद पुलिस 15 मिनट बाद कैंपस से बाहर आ गई. पूरी रात पुलिस जेएनयू गेट पर लगी रही. पुलिस ने रविवार रात छात्रों की गिरफ्तारी के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं की, क्योंकि इसके बुरे नतीजे हो सकते थे. पुलिस जेएनयू जेएनयू कैंपस के बाहर खड़ी है और रेड डालने के लिए यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन की इजाजत का इंतजार कर रही है. पुलिस का कहना है कि JNU एडमिनिस्ट्रेशन को आरोपियों को पुलिस के हवाले करना चाहिए.
VC चाहें तो पुलिस बुला लें, हम गिरफ्तारी को तैयार: रामा नागा
आरोपियों में से एक रामा नागा ने सोमवार सुबह मीडिया से बात की. उसने कहा कि उस रात कुछ लोग बाहर से आए थे और उन्होंने ही एंटी-इंडिया नारे लगाए थे. हमने उन्हें वहां से जाने को कहा और उनकी शिकायत भी की. रामा नागा ने कहा कि सभी लोग यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के आदेश से बंधे हुए हैं. अगर वे चाहें तो पुलिस बुला सकते हैं, हम सहयोग करने को तैयार हैं. https://twitter.com/ANI_news/status/701642244336422913 रामा नागा ने कहा कि वो इवेंट उन्होंने नहीं करवाया था. जब मार्च शुरू हुआ तो मैंने सिक्योरिटी कमेटी से कहा कि यहां कन्फ्रंट होने के पूरे आसार हैं. यह पूछे जाने के बाद कि 12 तारीख के बाद आप लोग कहां गायब थे, रामा नागा ने कहा, '12 के बाद यहां आतंक का माहौल पैदा किया गया था. आप लोगों ने देखा कि कन्हैया के साथ कोर्ट परिसर में मारपीट की गई. हमें सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ. हमें लगा कि हमें सेफ जगह पर जाना चाहिए और जब हालात सामान्य हो जाएंगे, हम कैंपस में लौट आएंगे.' रामा नागा ने बताया कि उन्होंने जेएनयू के एंक्वायरी कमिशन को एक चिट्ठी दी है और उनसे कहा है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा.
उमर खालिद ने दी स्पीच
उधर रविवार रात पांचों आरोपियों का 'रेड सैल्यूट' के नारों से स्वागत हुआ. उमर खालिद ने रविवार रात जेएनयू में एक पब्लिक मीटिंग में अपना पक्ष रखा. उसने अपना भाषण यहां से शुरू किया, 'मेरा नाम उमर खालिद है और मैं टेररिस्ट नहीं हूं.' उसने कहा, 'मुझे पिछले दिनों मेरे बारे मेंऐसी बातें पता चली हैं जो मैं खुद नहीं जानता था. मेरे पास पासपोर्ट नहीं है, फिर भी मुझे पता चला कि मैं दो बार पाकिस्तान हो आया हूं.मुझे पता चला कि मैं इस प्रोग्राम का मास्टरमाइंड हूं और 17-18 यूनिवर्सिटीज में ऐसा प्रोग्राम करने वाला था. मुझे नहीं पता था कि मेरा प्रभाव इतना बड़ा है.'
'मेरा मीडिया ट्रायल किया गया'
उसने कहा कि उसके खिलाफ बिना सबूत झूठ फैलाया गया कि उसने गल्फ कंट्रीज और कश्मीर में बहुत ज्यादा कॉल्स किए. उमर खालिद ने 'मीडिया ट्रायल' पर भी सवाल उठाए. उसने कहा कि सरकार के यह कहने के बावजूद कि मेरा जैश-ए-मोहम्मद से कोई लिंक नहीं है, किसी (चैनल) ने माफी मांगने और डिस्क्लेमर देने की जरूरत भी नहीं पड़ी. उसने कहा कि एक-एक मीडिया चैनल इसके लिए जवाबदेह है और वे बच नहीं पाएंगे.
'पहली बार लगा कि मुसलमान हूं'
उमर खालिद ने छात्रों से कहा कि मुझे मालूम था कि आप लोग मेरे साथ होंगे, इसलिए मैं परेशान नहीं था. लेकिन फिर मेरी बहनों और पिता के बारे में टिप्पणियां की गईं. उसने कहा, 'पिछले 7 साल से मैं इस कैंपस की पॉलिटिक्स में हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं मुसलमान हूं. खुद को मुसलमान की तरह प्रोजेक्ट भी नहीं किया. लेकिन पिछले 10 दिन में जो कुछ हुआ, पहली बार लगा कि मैं मुसलमान हूं.' उसने कहा, 'भाई हिंदुस्तान भी मेरा है और पाकिस्तान भी मेरा है. पर इन दोनों मुल्कों पर अमेरिका का डेरा है और तुम अमेरिका के दलाल हो.' उमर खालिद ने मोदी सरकार और बजरंग दल को खूब खरी-खोटी सुनाई. उसने कहा, 'सबसे आसान है एंटी नेशनल होना. आप सोचना शुरू कर दीजिए आप एंटी नेशनल हो जाएंगे.' उमर खालिद समेत पांचों आरोपियों पर 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु के समर्थन और देश के खिलाफ नारे लगाने का आरोप है. घटना के बाद JNU स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था और बाकी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए थे. कन्हैया कुमार फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं. JNU वापस आने के बाद क्या बोला उमर खालिद, सुनिए. https://www.youtube.com/watch?v=G9K8ZM_6Tc4