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बर्खास्त होने के बाद सुनक को बताया बेईमान, सुएला की लंबी चिट्ठी से ब्रिटेन में हड़कंप!

सुएला ब्रेवरमैन ने ऋषि सुनक को चेतावनी दी है कि वो अब रवांडा योजना पर होने वाले विद्रोह का नेतृत्व करेंगी. क्या है ये योजना जिस पर ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाला है?

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13 नवंबर को ऋषि सुनक ने सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त कर दिया था. (तस्वीर: X प्रोफाइल)

सुएला ब्रेवरमैन (Suella Braverman) ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (UK PM Rishi Sunak) को कमजोर और बेईमान बताया है. साथ ही उन्होंने दावा किया है कि सुनक अपने वादों से मुकर गए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे और देश से जो वादे किए थे, वो उनको पूरा नहीं कर पाए.

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सुएला को 13 नवंबर को गृह मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके एक दिन बाद उन्होंने तीन पन्ने की एक चिट्ठी लिखी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे पोस्ट किया है. उन्होंने ब्रिटेन सरकार को चेतावनी दी है कि वो अब रवांडा योजना (Rwanda Plan) पर होने वाले विद्रोह का नेतृत्व करेंगी. उन्होंने आगे लिखा,

"प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी के अधिकतर नेताओं ने सुनक का साथ नहीं दिया था. उनके पास जनादेश भी नहीं था. ऐसे वक्त में उन्होंने अपनी नीतियों को लेकर मुझसे जो वादे किए थे, उसके आधार पर मैंने उनको अपना समर्थन दिया था."

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सुएला ने कहा कि सुनक ने कुछ मुद्दों को प्राथिकता देने का वादा किया था. इनमें अवैध प्रवासियों को रोकना और इंग्लैंड के दक्षिणी समुद्र तटों तक छोटी नावों से चैनल को पार करने वालों को रोकना शामिल है. इसके अलावा उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल और ईयू कानून को एक साल पहले की तरह लागू करना और बायोलॉजिकल सेक्स प्रोटेक्ट करने के लिए गाइडलाइंस जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: ऋषि सुनक जाने वाले हैं? अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली नेता बोरिस जॉनसन की करीबी

उन्होंने आगे लिखा,

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“लेकिन आप (ऋषि सुनक) इन प्रमुख नीतियों में से हर एक को पूरा करने में बार-बार विफल रहे हैं. आपने समझौते के साथ विश्वासघात किया है. आपने कहा था कि चैनल में नावों को रोकने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वो करेंगे. लेकिन ऐसा ना करके आपने देश के साथ विश्वासघात किया है.”

क्या है ब्रिटेन की रवांडा योजना?

न्यूज एजेंसी Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2022 में तत्कालीन प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने रवांडा योजना की शुरूआत की थी. इस योजना के तहत ब्रिटेन में अवैध रूप से घुसने वालों को रवांडा भेजा जाता है. रवांडा, पूर्व-मध्य अफ्रीका में स्थित एक देश है. चारों तरफ से जमीन से घिरा हुआ है. इसके पड़ोसी देश हैं- बुरूण्डी, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, तंजानिया और युगांडा.

लाल घेरे में रवांडा. (फोटो: गूगल मैप्स)

योजना के तहत उन्हें रवांडा में रहने के लिए शरणार्थी का दर्जा दिया जा सकता है. यदि ऐसा नहीं हो पाया तो वे अन्य आधारों पर वहां बसने के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, वे किसी अन्य सुरक्षित देश में भी शरण मांग सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना को इंग्लैंड के दक्षिणी समुद्र तटों तक छोटी नावों से आने वाले शरणार्थियों को रोकने के लिए बनाया गया था. यहां तक पहुंचने के लिए लोग 32 किलोमीटर की खतरनाक यात्रा करते हैं. पिछले साल ब्रिटेन में रिकॉर्ड 45,775 लोगों को इस तरह बिना अनुमति के आते हुए पाया गया था. इस साल अब तक 27,000 से अधिक लोग इस तरह छोटी नावों से यहां आ चुके हैं. 15 नवंबर को ब्रिटेन का सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा कि यह योजना नियमों के मुताबिक है या नहीं.

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त किया था. इसके बाद से उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर विरोध झेलना पड़ रहा है. ब्रिटेन में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन की जगह ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली देश के नए गृह मंत्री बनाए गए. उनके साथ ही ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी सुनक कैबिनेट में शामिल हुए. डेविड कैमरन ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री बने. 

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वीडियो: कौन हैं भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन?

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