राजस्थान के उदयपुर में कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन के गुजरने से कुछ घंटे पहले रेलवे लाइन पर ब्लास्ट कर दिया (Udaipur Railway Track Blast). घटना शनिवार, 12 नवंबर देर रात की है. पुलिस के मुताबिक, बदमाशों की साजिश पुल को उड़ाने और रेलवे ट्रैक को बर्बाद करने की थी. घटना की जानकारी मिलते ही ट्रैक से गुजरने वाली अगली ट्रेन को रोक दिया गया. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. उसने FIR में इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ बताया है.
उदयपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट के पीछे कौन? पुलिस ने दो नाम लेकर आशंका जताई
राजस्थान पुलिस को शुरूआती जांच में पता चला है कि ये धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है.


ये धमाका उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन पर बने पुल पर किया गया. बताया जा रहा है कि धमाके से चार घंटे पहले ही उस ट्रैक से ट्रेन गुजरी थी. उदयपुर (udaipur) के एसपी विकास शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया-
हम सभी सबूत इकट्ठा कर रहे हैं. धमाके से पटरियों पर क्रैक आ गया है. रविवार सुबह 11.30 बजे ही इलाके से एक ट्रेन गुजरने वाली थी जिसे रोक दिया गया है. मौके पर बारूद भी मिला है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि धमाके के पीछे दो तरह के लोगों का हाथ होने की आशंका है. उनका कहना है कि या तो इसके पीछे अलग आदिवासी राज्य की मांग करने वाले दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी कट्टरपंथी हो सकते हैं, या ये काम अल्पसंख्यक समुदाय के उन लोगों का हो सकता है जो पीएफआई नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज हैं. हालांकि सूत्रों ने ये भी कहा कि उनके पास इस दावे को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट करने के लिए सुपर पावर 90 कैटेगरी के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. जांच टीमें विस्फोटक के बारे में पता लगा रही हैं. बताया गया है कि ये एक पैकेज्ड इमल्शन विस्फोटक है जो एक खतरनाक डेटोनेटर माना जाता है.
मामला आतंकी साजिश का?रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान (rajasthan) पुलिस को शुरूआती जांच में पता चला है कि ये धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है. घटना के बाद दर्ज की गई शिकायत में इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ बताया गया है. पुलिस के मुताबिक, धमाके से लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश की गई है.
उधर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया-
मौके पर एटीएफ, एनआईए और आरपीएफ मौजूद हैं. आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. डैमेज हुए पुल को बनाने का काम तेजी से चल रहा है.
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की टीमों ने भी मौके का दौरा कर जांच की है. बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को ही इस लाइन का उद्घाटन किया था.
देखें वीडियो- उदयपुर मर्डर केस के आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान पिटाई का वीडियो वायरल











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