अगर इनकी बात सही मानें तो ये मास्क कब से प्रयोग किए जा रहे हैं? बड़े लोग जैसा सोचते हैं, वैसा है नहीं. मास्क की शुरुआत को खोजते हुए हम पहली सेंचुरी तक जा सकते हैं. प्लिनी द एल्डर ने सुझाव दिया था कि खानों में खुदाई करने वालों को जानवरों की ब्लैडर स्किन से बने मास्क यूज करने चाहिए. सोलहवीं शताब्दी में लियोनार्डो दा विंची ने कहा था कि नाविकों को मास्क के तौर पर गीले कपड़े इस्तेमाल करने चाहिए. मास्क का पहला पेटेंट 1848 में लेविस पी. हैस्लेट के नाम से हुआ. इसे 'हैस्लेट लंग प्रोटेक्टर' कहा गया. ये ऊन से बनाया गया था. इसके बाद कॉटन, चारकोल से बने मास्क के पेटेंट हुए. 1879 में हटसन हर्ड ने पहली बार कप के आकार वाले मास्क का पेटेंट करवाया. इसे कारखानों में खूब इस्तेमाल किया गया.
बाद में स्कॉटलैंड के जॉन स्टेनहाउस ने चारकोल की मदद से ऐसा मास्क बनाया जो जहरीली गैस को साफ़ हवा से अलग करता था. इसके लिए उन्होंने केमिस्ट्री की मदद ली. इसके बाद ब्रिटेन के जॉन टिंडल ने इस मास्क में एक अलग से कॉटन का फ़िल्टर जोड़ा. नींबू, ग्लिसरीन और चारकोल की मदद से. इसे उन्होंने 1874 में लंदन में प्रदर्शित किया. साथ ही 1874 में सैमुअल बार्टन ने एक डिवाइस बनाया जिससे धुएं, जहरीली गैस, धूल के बीच भी सांस लिया जा सकता है.
अब मुद्दे की बात करें तो इस समय बाज़ार में तरह-तरह के मास्क मिल रहे हैं. लेकिन हर तरह के मास्क आपकी मदद नहीं कर सकते. देखिए कितने तरीके के मास्क बाज़ार में मिल रहे हैं और कौन सा लेना चाहिए-
1. सबसे ज्यादा ये काले वाले मास्क नज़र आते हैं लेकिन ये धूल-धक्कड़ से तो कुछ हद तक तो बचा सकते हैं, लेकिन स्मॉग के खतरनाक कणों से आपको बचाने के लिए कारगर नहीं हैं.
2. नीले वाले सर्जिकल मास्क भी बहुत से लोग लगाए घूम रहे हैं. लेकिन ये मास्क सिर्फ एक बार के यूज के लिए होते हैं. इससे एयर पॉल्यूशन में कोई मदद नहीं मिलती.
3. एक और मास्क है . नाम है N95 पार्टिकुलेट रेस्पिरेटर. बाकियों से ठीक है. इसे दो से तीन दिन तक यूज किया जा सकता है. 75 रूपये तक मिल रहा है. जिन्हें सांस की समस्या है, उनके लिए ठीक नहीं है.
4. इन सबमें सबसे अच्छा है N95 औरा पार्टिकुलेट रेस्पिरेटर. इसे भी कुछ दिनों में बदल देना चाहिए.
ये 150 से 200 रूपये तक में मिल रहा है. स्मॉग के खतरनाक कणों का सामना करने के लिए ये सबसे सही है.
5.एक और है लेकिन ये महंगा है. टोटोबोबो मास्क. इसमें डिस्पोजेबल फिल्टर लगे हुए हैं. ये 2000 से 2500 रूपये के बीच मिलेगा.
इसके अलावा कई तरह के फ़िल्टर होते हैं- 1. HEPA फ़िल्टर- पीएम 2.5 जैसे छोटे पार्टिकल्स को रोकने के लिए
2. हैवी एक्टिवेटिड चारकोल – ग्लास के छोटे टुकड़ों को रोकने के लिए
3. प्री-फ़िल्टर – बड़े पार्टिकुलेट मैटर्स को रोकने लिए
4. सीएडीआर ( क्लीन एयर डिलीवरी रेट)- ये भी भारी कणों को रोकने के लिए है मास्क के अलावा स्मॉग से बचने के लिए और क्या करें– 1. इस समय गुड़ या शहद खूब खाइए.
2. सुबह स्मॉग सबसे ज्यादा होता है इसलिए सुबह मॉर्निंग वॉक करने से बचें.
3. अपने घर के लॉन में या गमले में कुछ पौधे लगायें. ये सब स्मॉग से बचने के लिए करना ज़रूरी है. माहौल बहुत खराब है. वो कहते हैं न कि प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर. ये स्टोरी निशान्त ने की है.













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