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तुर्की भूकंप: घर के साथ ढह गईं बेटी की सांसें, पिता हाथ छोड़ने को तैयार नहीं

तुर्की और सीरिया में भूकंप से ढही इमारतों में दबी बेहिसाब दर्दनाक कहानियां एक-एक कर सामने आ रही हैं.

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फोटो देख जनता भावुक हुए जा रही है. (साभार- एडम एल्टन/AFP/Getty Images)

तुर्की और सीरिया में भूकंप से ढही इमारतों में दबी बेहिसाब दर्दनाक कहानियां एक-एक कर सामने आ रही हैं. लोगों तक ये कहानियां वीडियो और तस्वीरों की शक्ल में पहुंच रही हैं. ऐसी ही एक तस्वीर में एक पिता अपनी बेटी का हाथ पकड़ कर बैठा है. वो बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. भूकंप में घर के साथ बेटी की सांसें भी ढह गईं. उसका शव मलबे में दबा था. सिर्फ हाथ बाहर था. पिता 15 साल की बेटी को बाहर नहीं निकाल पाया तो अपनी बच्ची का हाथ पकड़कर बैठा रहा.

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क्या है तस्वीर में?

रिपोर्टों के मुताबिक ये तस्वीर फोटोग्राफर एडम एल्टन ने खींची है. इसमें पीड़ित पिता मलबे के ढेर पर बैठा दिख रहा है. उसने जैकेट पहनी है. एक हाथ जैकेट की जेब में है और दूसरे हाथ से बेटी का हाथ थाम रखा है. मलबे में बेड और गद्दा भी दिख रहा है. उसके ठीक ऊपर बच्ची का हाथ है. ये बताता है कि कैसे रात में लोग सोते-सोते ही मलबे में दब गए. उनके अपने उन्हें किसी तरह बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इस उम्मीद के साथ कि वो जिंदा निकल आएं. इस शख्स ने अपने बाएं हाथ से बेटी को पकड़ रखा है, उसके जिंदा बचने की उम्मीद के साथ. लेकिन बेटी के  हाथ में कोई हलचल नहीं है.

(साभार- एडम एल्टन/AFP/Getty Images)

दी गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक इस शख्स का नाम मेसुट हेंसर है. तुर्की के काहरामनमारस का रहने वाला है. ये इलाका भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए 10 इलाकों में से एक है. भूकंप के तीन बड़े झटकों में से एक यहीं आया था.

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8 हजार लोग मारे गए हैं

भूकंप से तुर्की और सीरिया में करीब 8 हजार लोग मारे गए हैं. जैसे-जैसे मलबे की खुदाई हो रही है, वैसे-वैसे ये आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. तुर्की के उपराष्ट्रपति ने 5 हजार से ज्यादा बिल्डिंग के तबाह होने की जानकारी दी है. कहा कि देश के करीब 1.30 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 4 लाख लोग राहत शिविरों में हैं. WHO ने तो कहा है कि मरने वालों की संख्या 20 हजार तक हो सकती है. इस संकट के चलते तुर्की के 10 सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में तीन महीने के लिए आपातकाल लगाया गया है.

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की थी, जिसके बाद करीब 70 देशों ने राहत सामग्री और मेडिकल टीम भेजी हैं. भारत ने भी 30 बेड के मोबाइल हॉस्पिटल के साथ NDRF की विशेष टीम भेजी है. मेडिकल सप्लाई, ड्रिलिंग मशीन समेत कई सामान लेकर ये टीम तुर्की पहुंच चुकी है. भारतीय एयरफोर्स का एक विमान करीब 6 टन राहत सामग्री लेकर सीरिया भी रवाना हो गया है. पूरी दुनिया से 24 हजार राहतकर्मी बचाव कार्य में लगे हैं.
 

वीडियो: तुर्की में भूकंप आएगा, भविष्यवाणी करने वाले वैज्ञानिक फ्रैंक हूजरबीट्स कौन हैं?

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