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हरियाणा में अब पेड़ों को भी बुढ़ापे में सहारे के लिए पेंशन मिलेगी

वृद्धावस्था पेंशन आपने खूब सुनी होगी. अब वृद्ध पेड़ों को भी पेंशन मिलेगी.

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ये स्कीम पुराने पेड़ों की रक्षा और संरक्षण के लिए लागू की गई है. (फ़ोटो/आजतक)

हरियाणा सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र वाले पेड़ों के लिए पेंशन स्कीम शुरु की है. जिसका नाम है 'हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन स्कीम.' ये स्कीम 5 साल तक लागू रहेगी. स्कीम में प्रदेश सरकार 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों की देखभाल, परवरिश करने वालों को 2500 रुपये पेंशन देगी. साल में एक बार. और यह राशि उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी. ऐसी स्कीम लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है. ये स्कीम पुराने पेड़ों की रक्षा और संरक्षण के लिए लागू की गई है.

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आजतक से जुड़े सतेंदर चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा सरकार ने प्राण वायु देवता स्कीम को बुढ़ापा पेंशन स्कीम के साथ जोड़ दिया है. जैसे एक बुजुर्ग को 1 महीने में पेंशन मिलती है, वैसे ही एक पेड़ के रखरखाव के लिए हरियाणा सरकार सालाना पेंशन देगी. हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने 20 जून को कहा कि उन्होंने हाल ही में अंतरराज्यीय पर्यावरण की बैठक में हिस्सा लिया था. उसमें कई प्रदेशों के मंत्रियों ने इस स्कीम की तारीफ की और इसके बारे में जानकारी भी ली. इस स्कीम में अभी तक 3 हज़ार 300 से ज्यादा पेड़ों का चयन कर लिया गया है. हर पांच साल के बाद प्राण वायु देवता स्कीम में आने वाले पेड़ों की पहचान की जाएगी.

वन मंत्री ने आगे कहा कि स्कीम में 75 साल से अधिक की उम्र के गिरे हुए, खोखले, मृत, सूखे और रोगग्रस्त पेड़ों को नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि फिकस बेंघालेंसिस जैसे एक अंकुर से पैदा होने वाले पेड़ो पर विचार किया जाएगा. फिकस बेंघालेंसिस का मतलब उदाहरण से समझते हैं - बरगद के पेड़ की कई सारी जड़ें होती हैं और इस तरह वो बड़ा होता जाता है. जैसे एक ही जगह कई पेड़ हों. इस तरह के पेड़ों को स्कीम में नहीं लिया जाएगा. 

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इस स्कीम में वन भूमि पर लगे पेड़ भी कवर नहीं किए जाएंगे. प्राण वायु देवता वृक्ष संरक्षण समिति एक व्यवस्थित जनगणना के माध्यम से जिन पेड़ो को स्कीम में लेना है उनकी पहचान, नक्शा और सूची बनाएगी. मंडल वन अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे. साथ ही यह समिति हर छह महीने के बाद नियमित रूप से स्कीम के पेड़ो के स्वास्थ्य की निगरानी करेगी.

आवेदन कहां करना है?

हरियाणा में अगर किसी व्यक्ति के घर या अपनी ज़मीन पर 75 साल या उससे ज़्यादा की उम्र का पेड़ है, तो वो अपने जिले के वन विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद एक समिति द्वारा उस आवेदन का आंकलन किया जाएगा. सब ठीक मिला, तो उस व्यक्ति को पेड़ों को मिलने वाली पेंशन दी जाएगी. 

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