भारत के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कोरोना की वैक्सीन की कीमतों को लेकर ट्वीट करते तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं.
देश में कोरोना वायरस (corona virus) की दूसरी लहर के बीच वैक्सीनेशन के तरीके और उसकी कीमतों को लेकर काफी चर्चा हो रही है. कई केंद्र और राज्य को अलग-अलग कीमतों पर वैक्सीन दिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इस बीच भारत सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने वैक्सीन कीमत विवाद से बचने के लिए तीन सुझाव दिए हैं. उन्होंने 24 अप्रैल को ट्वीट करके ये सुझाव दिए. आइए जानते हैं क्या हैं ये सुझावः
निर्माताओं को सही कीमत अदा करे सरकार
पहले सुझाव में उन्होंने कहा,
सरकार को निर्माताओं को सही कीमत अदा करना चाहिए. यह सौदेबाजी करके निजी क्षेत्र, चाहे घरेलू या विदेशी हो, उसके लिए अनिश्चितता पैदा करने का वक्त नहीं है.
सबके लिए मुफ्त हो वैक्सीन अरविंद सुब्रमण्यम का दूसरा सुझाव है,
वैक्सीन की सबके लिए फ्री होनी चाहिए. भेदभाव और जटिलता अनैतिक, अनावश्यक और लागू करने में मुश्किल पैदा करने वाली है. सबके लिए मुफ्त वैक्सीन इसको राजनीतिकरण से भी बचाएगा.
केंद्र उठाए खर्च का भार
सुब्रमण्यम का तीसरा सुझाव कहता है,
राज्यों को नहीं, बल्कि केंद्र को वैक्सीन का पूरा भार उठाना चाहिए. क्योंकि
# वायरस राज्यों की सीमा को नहीं मानता
# केंद्र के पास राज्यों की तुलना में बेहतर संसाधन हैं.
# जितनी जिंदगियां बचाई जाएंगी और जितनी आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षित किया जाएगा, उनकी तुलना में यह कीमत बहुत कम है.
कौन हैं अरविंद सुब्रमण्यम
अरविंद सुब्रमण्यम मशहूर अर्थशास्त्री और देश के पूर्व आर्थिक सलाहकार हैं. सुब्रमण्यम सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएट हैं और IIM, अहमदाबाद के स्टूडेंट रह चुके हैं. वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में अर्थशास्त्री और जी-20 पर वित्त मंत्री के विशेषज्ञ समूह के स्पेशल मेंबर भी रहे हैं. वो 16 अक्टूबर 2014 -2017 तक भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किए गए थे. उनका कार्यकाल साल 2019 तक बढ़ाया भी गया था लेकिन उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए आर्थिक सलाहकार का पद छोड़ दिया था. उसके बाद वो अशोका यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगे. यहां से भी उन्होंने 2021 में यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि यहां पर किसी को कुछ बोलने की आजादी नहीं है. उनकी गिनती विश्व के शीर्ष अर्थशास्त्रियों में होती है, उनके लेख अमेरिकन इकोनॉमिक रिव्यू और जर्नल ऑफ पब्लिक इकोनॉमिक्स जैसी मशहूर पत्रिकाओं का हिस्सा रहे हैं.
कोवीशील्ड और कोवैक्सीन ने बता दी हैं कीमतें
अरविंद सुब्रमण्यम का ये सुझाव भारत में इस्तेमाल हो रही दो वैक्सीन के खुले मार्केट में कीमतों की घोषणा के बाद आया है. कोविडशील्ड वैक्सीन ने राज्य सरकारों के लिए वैक्सीन की कीमत 400 रुपये और प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए 600 रुपये तय की है. इधर भारत बॉयोटेक ने कोवैक्सिन की कीमत इससे भी ज्यादा रखी है. यह वैक्सीन राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये और प्राइवेट में 1200 रुपये में उपलब्ध होगी.