दूसरे नमूने का नमूना
अब देखो हम बताते हैं बात क्या है. बहुत सिंपल सी बात है. 17 भाषाएं होती हैं एक नोट पर. मूल्य लिखे होते हैं हिंदी अंग्रेजी में, बाकी पीछे 15 भाषाओं में लिखा होता है. असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलगू और उर्दू. तो जिस दोन पर ये लॉजिक के अंधे बवाल काट रहे हैं. अफवाह फैलाकर आपको डरा रहे हैं वो दरअसल कोंकणी का शब्द है, उसे वैसे ही लिखा जाएगा जैसा लिखा है. उसमें कोई गलती नहीं है. कोई गड़बड़ी नहीं है. कोई मिसप्रिंट नहीं है. आपके नोट को कुछ नहीं होगा.
हां एक दिक्कत जो है वो ये कि कदम लिखा है. रिज़र्व में तो इनने नुक्ता लगाया लेकिन क़दम में मुक्ता खा गए. उसे शुद्धतावादी खामी बता रहे हैं. भाजपा नेता के हाथ में 2000 के नोट की इतनी गड्डियां कहां से आईं?




















