गाजियाबाद में एक डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे वॉट्सऐप पर 'सिर तन से जुदा' करने की धमकी दी गई. पुलिस आज, 18 सितंबर को डॉक्टर की शिकायत पर खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि डॉक्टर ने ये पूरी साजिश खुद रची थी ताकी वो फेमस हो सके.
डॉक्टर ने कहा था 'सिर तन से जुदा' करने की धमकी मिली, पुलिस ने पोल खोल दी
बताया जा रहा है कि डॉक्टर यति नरसिंहानंद समेत समेत कई हिंदू संगठनों से जुड़ा है.


डॉक्टर अरविंद वत्स अकेला गाजियाबाद में पिछले 24 साल से अपने माता-पिता के नाम से धर्मार्थ क्लीनिक चलाता हैं. बताया जाता है कि डॉक्टर लोगोंं को एक दिन की दवाई भी मुफ्त देता है.
उसने पुलिस में शिकायत की थी कि एक सितंबर को उसके पास एक अनजान शख्स का वॉट्सएप पर कॉल आया था, जिसे वो उठा नहीं पाया था. डॉक्टर ने आगे बताया कि उन्होने जब कॉल बैक किया तो बात नहीं हो पाई. इसके बाद दो सितंबर को उनके पास उसी नंबर से दोबारा कॉल आई तो उनकी करीब पांच मिनट बात हुई. जिसके बाद उनके पास उसी नंबर से फिर से कॉल आई और इस बार उनकी 21 सेकेंड बात हुई. अरविंद के मुताबिक इस कॉल को करने वाले ने डॉक्टर से कहा कि,
'हिंदू संगठनो के लिए काम करना बंद कर दो, नहीं तो गुस्ताख-ए-नबी- की एक ही सजा सर तन से जुदा. धमकी देने वाले ने अपना नाम स्टीवन ग्राउंड बताया और उसके वॉट्सएप पर नकाबपोश प्रोफाइल फोटो लगी हुई थी.'
बताया जाता अरविंद, गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिम्हा नंद समेत कई और भी हिंदू संगठनों से जुड़ा हुआ है. उसने सिहानीगेट थाने में खुद को जान से मारने की धमकी मिलने के सिलसिले में शिकायत दर्ज करवाई थी.
पुलिस ने क्या कहा?शिकायत मिलते ही सिहानी गेट के प्रभारी निरक्षक नरेश कुमार शर्मा और साईबर सेल के प्रभारी निरिक्षक सौरभ विक्रम सिंह की टीम ने घटना की जांच शुरू की थी. जिसके बाद परतें खुलती गईं. पुलिस का कहना है कि डॉक्टर ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए यह साजिश रची थी. फर्जी सूचना देने पर अब डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
(आपके लिए इस खबर को लिखा है हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे आर्यन ने.)
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