फोटो क्रेडिट: Reuters. फरवरी में जाट आंदोलन के दौरान प्रोटेस्ट करते हुए लोग,
जाट रिटर्न्स. डिमांड वही. रिजर्वेशन. जाट नेताओं की धमकी है रिजर्वेशन की मांग को लेकर रविवार से आंदोलन करने की. देश बदल रहा है. अब आंदोलन की धमकी दी जाती है. जाट आंदोलन की धमकी के मद्देनजर पूरे हरियाणा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. रोहतक, सोनीपत समेत हरियाणा के कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. क्योंकि कुछ गलत होने पर सबसे ज्यादा आग भड़काने का काम वाया अफवाह इंटरनेट और मोबाइल के जरिए ही किया जाता है. हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) राम निवास ने कहा, 'अगर बिना परमिशन कहीं प्रोटेस्ट किया गया तो एक्शन लिया जाएगा. आंदोलन से जुड़ी ग्राम पंचायतों और खाप पंचायतों ने शांति पूर्वक प्रोटेस्ट करने की बात कही है. सड़क, रेल मार्ग ब्लॉक नहीं करने का वादा किया है नेताओं ने. पैरामिलिट्री के 55 कंपनियों हरियाणा पहुंच गई हैं. इनमें सीआरपीएफ, RAF, ITBP और BSF शामिल हैं. सड़क या रेल मार्ग को ब्लॉक करने से रोकने के लिए हमने इंतजाम कर लिए हैं.'
ये प्रोटेस्ट 15 दिन चलने की बात कही जा रही है. हरियाणा के 8 जिलों झज्जर, सोनीपत, रोहतक, पानीपत, हिसार, फतेहाबाद, जिंद और कैथल में धारा 144 लगा दी गई है. इन इलाकों में लोगों के झुंड बनाकर इकट्ठे होने पर रोक है. ये सारे इलाके नैशनल हाईवे से जुड़े हुए हैं. ऐसे में इन इलाकों की मॉनिटरिंग चंडीगढ़ के कंट्रोल रूम से हो रही है.
https://twitter.com/ANI_news/status/739290988141809664 बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने हरियाणा के 15 जिलों में धरना देने का ऐलान किया है. पिछली बार जब आंदोलन हुआ था तो दिल्ली को पानी मिलना बंद हो गया था. आंदोलन करने वालों ने हरियाणा से दिल्ली आते नहर के पानी को रोक दिया था. जाट नेताओं की डिमांड है कि स्टेट की सरकारी नौकरियों और एजुकेशन इंस्टीट्यूट में जाटों का कोटा बढ़ाया जाए.
फरवरी में जाटों ने हरियाणा में इसी मांग को लेकर प्रोटेस्ट किया था. आंदोलन भड़क गया. कुछ बकलोलों की वजह से. पुलिस से झड़प हुई. 30 से ज्यादा लोगों को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी. मुरथल में गैंगरेप तक हो गया था उसी दौरान. तब से जब भी जाट आंदोलन की धमकी मिलती है, न्यूज चैनल और सरकारें अलर्ट हो जाते हैं. शायद उन्हें विजुएल्स की बू आने लगती है.