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एक लीक फोन कॉल ने इस महिला प्रधानमंत्री को अपने पद से सस्पेंड करवा दिया

Thailand PM Phone Leak Case: अगर Paetongtarn Shinawatra को पद से हटाया जाता है तो पिछले साल अगस्त के बाद से वह अपनी पार्टी से दूसरी प्रधानमंत्री होंगी जिसे अपने पद से हटाया जाएगा. 38 वर्षीय पैतोंगटार्न थाईलैंड की सबसे युवा नेता हैं. वह अपनी चाची यिंगलक शिनावात्रा के बाद प्रधानमंत्री बनने वाली दूसरी महिला हैं.

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थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा. (फोटो- AP)

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा (Paetongtarn Shinawatra) को उनके पद से सस्पेंड कर दिया गया है. संवैधानिक अदालत ने कम्बोडियाई नेता हुन सेन के साथ हुई उनकी संवेदनशील फोन कॉल लीक होने के बाद यह फैसला लिया. कोर्ट ने उनके ख़िलाफ नैतिकता के उल्लंघन का मामला स्वीकार कर लिया है. जांच पूरी होने तक वह अपने पद पर काम नहीं कर सकेंगी.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संवैधानिक अदालत ने 7-2 से उन्हें सस्पेंड करने के लिए वोटिंग की. कोर्ट ने उन्हें अपना बचाव करने के लिए 15 दिन दिए हैं. उन्होंने लीक हुई कॉल को लेकर माफी मांगी है. पैतोंगटार्न ने कहा है कि वह कोर्ट की प्रक्रिया का सम्मान करेंगी और उसे मानेंगी. लेकिन पूरे मामले को लेकर चिंतित हैं. इस बीच उप प्रधानमंत्री सूर्या जुंगरुंगरुंगकिट देश के कार्यवाहक नेता के रूप में काम करेंगे.

अगर शिनावात्रा को पद से हटाया जाता है तो पिछले साल अगस्त के बाद से वह अपनी पार्टी से दूसरी नेता होंगी जिसे प्रधानमंत्री पद से हटाया जाएगा. 38 वर्षीय पैतोंगटार्न थाईलैंड की सबसे युवा नेता हैं. वह अपनी चाची यिंगलक शिनावात्रा के बाद प्रधानमंत्री बनने वाली दूसरी महिला हैं. 

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लीक फोन कॉल में क्या था

थाईलैंड में एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग लीक होने के सियासी भूचाल मच गया था. 17 मिनट की यह कॉल रिकॉर्डिंग थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा और कम्बोडियाई नेता हुन सेन की बातचीत की है. दरअसल कंबोडिया और थाईलैंड के बीच दशकों से सीमा विवाद चल रहा है. लेकिन ताज़ा मामले की जड़ें पिछले महीने की एक घटना से जुड़ी हैं. 28 मई 2025 को सीमावर्ती क्षेत्र में एक सैन्य झड़प हुई. इसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई. इसके विरोध में कंबोडिया ने थाईलैंड पर कई प्रतिबंध लगाए.

तनाव की इस स्थिति के बीच शिनावात्रा और हुन सेन की बातचीत हुई. आलोचकों का कहना है कि शिनावात्रा इस कॉल में हुन सेन को ‘अंकल’ कहकर संबोधित कर रही हैं. बिना ज़रूरत के अतिरिक्त सम्मान दे रही हैं. साथ ही वह सीमा विवाद संभालने वाले अपने ही एक सैन्य कमांडर की आलोचना कर रही हैं. कॉल पर उन्होंने हुन सेन से ये भी कहा, ‘अगर आपको कुछ कहना हो तो सीधे मुझे बताएं, मैं उसका ख्याल रखूंगी.’ 

थाईलैंड की अब तक की सबसे युवा प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने अपने बचाव में कहा कि यह उनके नेगोशिएशन का तरीका था. लेकिन उनके परिवार और कंबोडिया में शासन कर रहे हुन परिवार के पुराने रिश्तों के कारण, वह संदेह के घेरे में आ गईं.

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कॉल लीक हुआ कैसे?

शिनावात्रा जिसको नेगोशिएशन का तरीका बता रही हैं, हुन सेन ने उसका इस्तेमाल अलग तरीके से किया. हुन सेन लगभग 4 दशक तक कंबोडिया पर शासन कर चुके हैं. साल 2023 से उनके बेटे हुन मानेट वहां के प्रधानमंत्री हैं. इसके बावजूद हुन ही राजनीतिक रूप से शक्तिशाली बने हुए हैं.

हुन ने इस रिकॉर्डिंग के एक हिस्से को लगभग 80 कंबोडियाई नेताओं के साथ शेयर कर दिया. इस पर थाईलैंड में बवाल मच गया. इसके बाद थाई विदेश मंत्रालय ने कंबोडियाई राजदूत को तलब किया और कॉल लीक होने की शिकायत करते हुए विरोध पत्र सौंपा. 

उन्होंने इस मामले को सुलझाने की मांग की. इसके बाद हुन सेन ने 17 मिनट की पूरी क्लिप को फेसबुक पर अपलोड कर दिया. इसके बाहर आते ही शिनावात्रा के इस्तीफे की मांग होने लगी.

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