फेसबुक पर एक फोटो धक्के खा रही है, जिसके हिसाब से केजरीवाल रेपिस्ट हैं. इसे टेलीग्राफ अखबार की पुरानी कटिंग बताया जा रहा है. पहले तो ये जान लीजिए कि ये फर्जी है.

अब झूठ क्या बताया जा रहा है वो पढ़िए, इस फोटो में दावा किया गया है कि खड़गपुर, जहां आईआईटी है, वहां के कैंपस से ये खबर आई कि एक लड़के ने एक लोकल लड़की का रेप किया, पुलिस आई और उसे पकड़ ले गई, तब वो हॉस्टल के कमरे में छुपा था. लड़के का नाम बताया गया अरविंद केजरीवाल, 19 साल का ये लड़का अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार को पार्टी करने गया सब लौट आए वो नहीं लौटा, बाद में उसे पकड़ लिया गया.
अब देखिए ये फर्जी खबर बनाने में होशियारी कैसी बरती गई, क्योंकि अखबार 1987 का है, और जून की जो तारीख दिखाई गई उस दिन सोमवार था. फर्जी फोटो में भी सोमवार दिख रहा है. 1987 में केजरीवाल की उम्र सच में 19 साल थी क्योंकि वो 1968 में जन्में हैं. खबर में नीचे एक जगह लिखा है हॉस्टल के वार्डेन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया. दो बातें हैं, या तो ये इतने मूर्ख हैं कि ऊपर टेलीग्राफ लिखते हैं और नीचे आते-आते अखबार का नाम भूल जाते हैं. या फिर इन्होंने ये इतनी प्रोफेशनली किया है अजिसे अखबार करते हैं. जिस सोर्स से फैक्ट उठाया उसे क्रेडिट दे रहे हैं, लेकिन कुल जमा ये फर्जी है. पूछो क्यों?
एक तो ये बनाई हुई फोटो है, अरविंद केजरीवाल ने कोई रेप नहीं किया, ऐसी कोई खबर पहले कभी नहीं आई, जो लोग उनकी डिग्री से लेकर VRS तक के पीछे पड़े रहते हैं आपको लगता है वो ऐसी किसी खबर को ऐसे ही जाने देते? ये खबर अब जाकर आई है जबकि केजरीवाल राजनीति में पुराने हो गए हैं. और ऐसे किसी केस में अगर वो फंसे होते तो पुलिस हिस्ट्री में ये कब का आ गया होता.
और जिस तरह से ये फर्जी फोटो तैयार की गई वैसे तस्वीर कोई भी बना सकता है. देखिए इस तस्वीर में केजरीवाल पीएम हो गए. नमूना देखिए.
हो गया? एक और देखिए. उसी तारीख का, जिस दिन मोदी जी ने नोटबंदी को बंद कर दिया.
एक ये जिसमें भारत ने मंगल पर पानी खोजकर आलू बो दिया

ये कैसे होता है? गूगल पर सर्च मारिए. एक वेबसाइट मिलेगी जहां आप किसी भी अखबार की क्लिप बना सकते हैं. कुछ भी लिखिए कुछ भी छापिए. यही तो आप कर रहे हैं.
लोग कहते हैं इस पोस्टमैन के 1300 बच्चे हैं, क्या सचमुच?