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इन्क्रेडिबल इंडिया: तंजानियन लड़की को पीटा, कपड़े फाड़ परेड करवाई

जिस कार में वह दोस्तों के साथ जा रही थी, उसे आग लगा दी. पुलिस ने भी शिकायत नहीं सुनी.

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फोटो - thelallantop
बैंगलूरू में 21 साल की एक तंजानिया की लड़की को बौराई भीड़ ने बार बार पीटा, फिर उसके कपड़े उतार के उससे परेड करवाई. और जिस कार में वो अपने दोस्तों के साथ आ रही थी, उसमें आग लगा दी. लड़की का गुनाह बस इतना था कि वो भारतीय नहीं थी. बैंगलूरू की एक सड़क पर एक भयानक एक्सीडेंट हुआ. जिसमें एक गाड़ी वाले की लापरवाही ने एक आदमी की जान ले ली. जिस आदमी की जान गई, वो बेंगलुरु का लोकल आदमी था. और गाड़ी चलाने वाला सुडान का था. घटना के बाद भीड़ गुस्से में पगला गई थी. और गुस्सा निकाला कुछ बेगुनाह स्टूडेंट्स पर जिनका एक्सीडेंट से कोई लेना देना नहीं था. जो घटना के आधे घंटे बाद उस जगह पहुंचे थे. शहर के आचार्य कॉलेज में पढ़ने वाली तंजानिया की ये लड़की अपने चार दोस्तों के साथ वैगन-आर गाड़ी में आई. तो पगलाई भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर के उन्हें बाहर खींच लिया. फिर उन्हें बेवजह पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए. जब एक आदमी ने लड़की के शरीर को टीशर्ट से ढकने की कोशिश की, तो भीड़ ने उसे भी पीटा. जब लड़की ने एक जाती हुई बस पर चढ़ कर भागने की कोशिश की, तो बस के यात्रियों ने उसे धकिया के बहार कर दिया. जब लड़की पुलिस के पास कंप्लेंट लिखाने गयी, तो पुलिस ने कंप्लेंट दर्ज करने से भी मना कर दिया. उल्टा लड़की से ये कहा कि वो उसकी शिकायत तभी लिखेंगे जब वो उस ड्राइवर को पकड़ के लाएगी जिसने एक्सीडेंट किया था. जबकि लड़की का एक्सीडेंट या गाड़ी चलाने वाले से कोई कनेक्शन नहीं था. बॉस्को कवीसी, जो बैंगलूरू की ऑल अफ्रीकन स्टूडेंट यूनियन के लीगल एडवाइजर हैं, ने अंग्रेजी अखबार डेकेन क्रॉनिकल को बताया कि भीड़ ने केवल लड़की और उसके साथियों को मारा ही नहीं, उनके सभी जरूरी कागज भी चुरा लिए. न उनके पास अब अपना एटीएम कार्ड है और न ही पासपोर्ट. भीड़ ने उनके फोन भी छीन लिए थे इसलिए वो अपने मां-बाप को कॉल भी नहीं कर सके. पूरी घटना के दौरान और उसके बाद पुलिस बेअसर साबित हुई. बैंगलुरू के लोकल लोग एक्सीडेंट के बाद से अफ्रीकी लोगों को खोज खोज कर पीट रहे थे. गाड़ियां रोक रोक कर अफ्रीकी लोगों को उतार कर पीट रहे थे. घटना के बाद से आचार्य कॉलेज के स्टूडेंट डरे हुए हैं. घरों से बाहर निकलने में घबरा रहे हैं.

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