'उसके शरीर पर सिगरेट से जलने के निशान थे. गालों, होंठों और स्तनों पर उसे दांत से काटा गया था. एक हाथ और एक पैर में फ्रैक्चर था. उसके साथ जानवरों से भी बुरा सुलूक किया गया था.'लड़की के मामा, जिन्होंने लाश बरामद की थी, ने बताया कि लड़की को मार डालने के बाद गड्ढे में फेंक दिया गया था. जिसकी वजह से लड़की के शरीर में खरोंचें आ गई थीं. लड़की की मां का कहना है कि जिन लोगों को पकड़ा गया है, वो असल रेपिस्ट नहीं हैं. मां ने ये भी बताया कि शुरुआत में जिन आरोपियों की फोटो रिलीज की गई थी, वो खुले घूम रहे हैं. और पुलिस ने बेगुनाहों पर आरोप मढ़कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. बता दें कि पहले दिन से ही पुलिस की तफ्तीश पर सवाल उठ रहे हैं. गलत लोगों पर आरोप मढ़ने के अलावा पुलिस ने लड़की की मौत बरामदी की जगह को एक ही बताया है, जिसपर खूब सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस ने गिरफ्तार किया गए सभी लोगों को एक ही सेल में रख दिया था. सुरक्षा के नजरिये से ये भी बहत बड़ी चूक है. इसका परिणाम तब दिख भी गया, जब राजिंदर और सूरज नाम के आरोपियों के बीच लड़ाई हो गई और पुलिस लड़ाई को हैंडल नहीं कर पाई.हर रेप की खबर की तरह, ये खबर भी धीरे-धीरे मीडिया से गायब होनी शुरू हो गई है. और शायद यही पुलिस की मंशा भी है, कि धीरे-धीरे सभी तथ्य कालीन के नीचे सरका दिए जाएं और उन्हें मुक्ति मिले. मगर जिन्होंने बेटी खोई है, उनकी निगाहों से मृत बेटी का कीड़े लगा हुआ शरीर कभी नहीं जाएगा.
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