सवी बढ़िया एक्टर हैं इस बात में कोई शंका नहीं है. अगर आपको शंका है भी, तो आप उनकी फिल्मों की लिस्ट देखकर उसका समाधान कर लीजिए. सवी अनुराग कश्यप की डेब्यू फिल्म 'पांच' से लेकर 'ज़मीन', 'ब्लैक फ्राइडे', 'गुलाल', 'डी-डे', 'पटियाला हाऊस' और 'बेवकूफियां' समेत कई फिल्मों में काम कर चुके हैं. लेकिन जैसे ही उन्होंने फिल्मों से ब्रेक लिया, उनके ऊपर दिक्कतों का पहाड़ टूट पड़ा. पैसे की समस्या शुरू हो गई. फिर घरवालों की मौत होने लगी. उनकी खुद की सेहत बिगड़ने लगी. ऐसे में सवी एक अकेले हो गए. मजबूरन सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करनी पड़ी, जिसके लिए उन्हें नौ हज़ार रुपए दरमाहा (वेतन) मिलता है.

सिक्योरिटी गार्ड की पोशाक पहने अपनी ड्यूटी करते सवी.
सवी के उस वायरल वीडियो के बाद कई लोगों ने मदद की बात की. लेकिन उनकी मदद करने के लिए आगे आने वाले सबसे पहले शख्स हैं सिंगर मीका सिंह. मीका ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से ट्वीट कर लोगों से सवी सिद्धू से कनेक्ट करने की गुज़ारिश की. इसके बाद उन्होंने सवी को खुद फोन किया और तत्काल गार्ड की नौकरी छोड़ने को कहा. मीका ने सवी को कहा कि वो उनकी टीम में भी काम कर सकते हैं. अगले दिन उन्होंने सवी को लेने के लिए कार भेजी. उन्हें कपड़े से लेकर खाना मुहैया कराया. और काम भी दिला दिया.
आने वाले दिनों में मीका सिंह फिल्म प्रोडक्शन के बिज़नेस में उतर रहे हैं. उनकी आने वाली फिल्म है 'आदत' जिसमें करण सिंह ग्रोवर और बिपाशा बासु काम कर रहे हैं. मीका ने फिल्म के डायरेक्टर भूषण पटेल से रिक्वेस्ट कर उस फिल्म में सवी के लिए भी एक रोल लिखने को कहा है. साथ ही अपने कई दोस्त-साथियों से भी उन्हें काम देने की बात कही है.

हालांकि सवी सिद्धू की मदद करने और नहीं करने को लेकर भी सिनेमा इंडस्ट्री दो धड़ो में बंटी हुई है. एक ओर जहां लोग उनकी हरसंभव मदद करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर अनुराग कश्यप हैं, जो इसे गलत बता रहे हैं. अनुराग सवी के साथ 'पांच', 'ब्लैक फ्राइडे' और 'गुलाल' जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं. अनुराग का मानना है कि सवी को खुद ही खुद की मदद करनी होगी. अनुराग ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए लिखा कि बतौर कलाकार वो सवी का सम्मान करते हैं. लेकिन उन्हें खुद ही अपनी मदद करनी होगी. उन्हें इस बात की खुशी है कि सवी गार्ड की नौकरी कर के ही अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं. वो बाकी असफल एक्टर्स की तरह शराब में डूबकर या भीख मांगकर अपनी ज़िंदगी नहीं काट रहे. उनकी सिर्फ ये मदद की जा सकती है कि उन्हें ऑडिशन के लिए कास्टिंग डायरेक्टर से मिलवा दिया जाए. ताकि वो भी हज़ारों-लाखों लोगों की तरह ऑडिशन दें और अपने टैलेंट के दम पर काम पाएं. उन्होंने कई ऐसे एक्टर्स ऐसे देखे हैं, जिनकी माली हालत एक समय में बहुत खराब थी. नवाजुद्दीन सिद्दीकी पहले वॉचमैन थे, वो खुद वेटर का काम कर चुके हैं. इसलिए कोई भी काम छोटा-बड़ा नहीं सिर्फ काम होता है. अनुराग के सभी ट्वीट्स आप इस थ्रेड में पढ़ सकते हैं:
कुछ लोग अनुराग के कहे से सहमत होंगे, तो कुछ मीका के किए से. खैर, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों काम है कहना. लेकिन सबसे जरूरी है काम, जो सवी सिद्धू को मिल चुका है.
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