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शाह ने पूछा था- "गवर्नर रहते क्यों नहीं बोले", अब मलिक ने ये जवाब दिया है

पुलवामा हमले पर सत्यपाल मलिक ने अब क्या बोला?

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सत्यपाल मलिक ने अमित शाह के सवाल का जवाब दिया (फोटो- आजतक)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) का एक और बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वो पुलवामा हमले (Pulwama Attack) वाले दिन से ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं (Satyapal Malik on Amit Shah). ये बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस सवाल के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पूछा था कि गवर्नर रहते हुए मलिक ने क्यों कुछ नहीं बोला. बता दें, हाल ही में सत्यपाल मलिक ने खुफिया विफलताओं का आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलवामा के वक्त केंद्र सरकार ने सुरक्षा कर्मियों के लिए विमान देने से इंकार कर दिया था. उस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे.

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टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 24 अप्रैल को कहा,

मैं अमित शाह के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहता लेकिन इस मामले की सच्चाई ये है कि मैंने गर्वनर रहते हुए भी पुलवामा और किसानों के मुद्दे पर बोला था. उस वक्त मुझे चुप रहने के लिए कहा गया था. 

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने हमले के दिन भी इस मुद्दे को उठाया था. पहले भी मलिक कह चुके हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने ये मुद्दा उठाया था और तब PM ने उनसे चुप रहने और ये बात किसी को नहीं बताने को कहा था.

अमित शाह ने क्या कहा था?

अमित शाह ने 22 अप्रैल को 'इंडिया टुडे राउंडटेबल' में हिस्सा लिया था. उनसे सवाल पूछा गया कि जब भी कोई सरकार की आलोचना करता है उसके खिलाफ कुछ ही दिनों में ED-CBI की जांच क्यों हो जाती है? इसपर अमित शाह ने जवाब दिया कि उनकी जानकारी के मुताबिक मलिक को तीसरी बार CBI ने बुलाया है. शाह ने कहा,

उनसे पूछना चाहिए कि हमसे अलग होने के बाद ही ये सब बात क्यों याद आती है? ये आत्मा उस वक्त क्यों नहीं जागी जब सत्ता में बैठे थे? लोगों को और पत्रकारों को इसकी विश्वसनीयता के बारे में भी सोचना चाहिए. अगर ये सबकुछ सही है तो जब वो राज्यपाल थे उस वक्त क्यों चुप रहे? मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं बीजेपी की सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे छिपाना पड़े. कोई अपने निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए हमसे अलग होकर कुछ कहता है तो मीडिया को उसका मूल्याकंन करना चाहिए. लोग समय समय पर रुख बदल सकते है.

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मलिक ने और क्या कहा था?

पहली बार अक्टूबर 2021 में सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उन्हें दो फाइलों की मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत ऑफर की गई थी. इनमें एक मामला रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी (RGIC) से जुड़ा हुआ था.

मलिक ने आरोप लगाया था कि कश्मीर में कंपनी की बीमा योजना को लाने के लिए उन्हें घूस देने की कोशिश की गई थी. साथ ही RSS और बीजेपी नेता राम माधव ने उनपर दबाव बनाने की कोशिश की थी. मलिक ने कहा था कि उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया था. बाद में CBI ने इस कंपनी के खिलाफ केस भी दर्ज किया था.

न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ को दिए इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने नरेंद्र मोदी सरकार पर कई और गंभीर आरोप लगाए थे. मलिक ने कहा था कि पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमला हमारे सिस्टम और विशेष रूप से गृह मंत्रालय की लापरवाही का परिणाम था. उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा था कि CRPF ने अपने जवानों को ले जाने के लिए विमानों की मांग की थी. लेकिन गृह मंत्रालय ने मांग को ठुकरा दिया था.

वीडियो: सत्यपाल मलिक की ED-CBI जांच पर सवाल, अमित शाह जवाब में क्या बोल गए?

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