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क्या राहुल गांधी के गुरु मोदी जी के लिए काम कर रहे हैं?

भाजपा वाले आज कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा के एक बयान के लिए उन्हें थैंक्स बोल रहे होंगे.

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इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं सैम पित्रोदा.
पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बलाकोट में एयरस्ट्राइक की. इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष और राहुल के राजनीतिक गुरु माने जाने वाले सैम पित्रोदा ने भारत की एयरस्ट्राइक को नाजायज़ ठहराया है. भारत की कार्रवाई का विरोध करते हुए उन्होंने कहा है -
हमले के बारे में मुझे ज्यादा नहीं पता. हर बार ऐसा ही होता है. मुंबई में भी हमला हुआ था. हम तब भी रिएक्ट कर सकते थे और अपने प्लेन भेज सकते थे लेकिन ये सही एप्रोच नहीं है.
सैम पित्रोदा का मानना है कि एक घटना के लिए पूरे देश को दोषी नहीं माना जाना चाहिए. मुंबई हमले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा -
आठ लोग आकर कुछ कर देते हैं, इसे आप पूरे देश पर नहीं मढ़ सकते. ये बहुत बचकाना होगा कि कुछ लोग यहां आकर हमला करते हैं और इसके लिए हम उस देश के हर नागरिक को दोषी मान लें. मैं इस तरीके में विश्वास नहीं करता.
सैम यहीं नहीं रुके. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर भी सवाल उठाए. इसके साथ पाकिस्तान में मारे जाने वाले लोगों का भी सबूत मांगा. बोले -
मैंने न्यूयॉर्क टाइम्स और दूसरे अखबारों में पढ़ा है और मैं ये जानना चाहूंगा कि क्या हमने वाकई हमला किया और क्या सच में 300 लोग मरे?
आगे बोले -
हम भावुक नहीं हो सकते. आंकड़े निष्पक्ष होते हैं.
सैम पित्रोदा ने नीरव मोदी की गिरफ़्तारी को भी एक इवेंट करार दिया. पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर पित्रोदा ने कहा -
मैं गांधीवादी हूं. मैं ज्यादा इज्जत और दया देने में विश्वास रखता हूं. मैं निजी तौर पर बातचीत करने में विश्वास रखता हूं. मुझे लगता है कि हमें हर किसी के साथ बातचीत करनी चाहिए. केवल पाकिस्तान से ही क्यों नहीं? हम पूरी दुनिया के साथ बात कर रहे हैं
सैम ने अपने इस बयान की पूरी ज़िम्मेदारी ली है. साथ ही कांग्रेस पार्टी को इससे पूरी तरह अलग रखा है -
मैं व्यक्तिगत तौर पर ये बातें कह रहा हूं. मैं एक वैज्ञानिक की तरह बातें कर रहा हूं. मैं तर्क में विश्वास करता हूं. आंकड़ों पर भरोसा करता हूं. भावनाओं में मेरा कोई भरोसा नहीं है. एक नागरिक के तौर पर मेरा ये जानने का अधिकार है कि क्या हुआ था. मुझे जानने का अधिकार है, और इसमें गलत क्या है?
सरकार क्या कहती है? सरकार की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पित्रोदा के बयान का जवाब दिया. उन्होंने कहा -
उन्हें लगता है कि हमने जो किया वो गलत था. दुनिया के किसी भी देश ने ऐसा नहीं कहा. यहां तक कि इस्लामिक देशों के संगठनों ने भी ऐसा नहीं किया. केवल पाकिस्तान को ऐसा लगता था. दुर्भाग्य ये है कि ऐसे लोग एक पार्टी के विचारक हैं. 
वित्त मंत्री सैम के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधने से नहीं चूके. बोले -
गुरु ऐसा हो तो शिष्य कितना निकम्मा होगा ये पता चल गया. ऐसे लोगों का भारत की सुरक्षा चिंताओं से कोई वास्ता नहीं है. वो भारत की सुरक्षा नीति को नहीं समझते.
गौतम गंभीर को भाजपा में शामिल करने के लिए हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरुण जेटली ने ये सब बातें कहीं. कौन हैं सैम पित्रोदा? सैम पित्रोदा का पूरा नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है. वो मनमोहन सरकार में वो प्रधानमंत्री के सलाहकार रहे हैं. ओडिशा से आने वाले पित्रोदा कारोबारी और पॉलिसी मेकर हैं. इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष सैम शिकागो के इलिनॉय इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी से पढ़े हैं. राजीव के दौर में आईटी का विकास करने का श्रेय भी पित्रोदा को ही जाता है. इस दौर में उन्होंने कंप्यूटिंग टेक्नॉलजी का विकास किया. राहुल के गुरु सैम के नाम सौ से ज्यादा पेटेंट भी हैं. वो साल 1984 में राजीव गांधी के न्योते पर भारत आए थे. फिर 90 के दशक में कारोबार के चलते अमेरिका चले गए. फिर 2004 में यूपीए की सरकार आने के बाद उन्हें फिरसे भारत बुलाया गया. साल 2009 में उन्हें पद्मभूषण मिल चुका है. सैम पित्रोदा के इस बयान के बीजेपी बहुत खुश होगी. सरकार को इसी बहाने बालाकोट एयरस्ट्राइक पर अपनी पीठ ठोकने के एक और मिल गया है. वित्त मंत्री का बयान भी इसी और इशारा कर रहा है.
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