हफ्ते भर पहले की बात है. इस मार्ट में एक गे कपल शॉपिंग करने आया था. वो दोनों हाथ में हाथ डाले चल रहे थे. इस बात की शिकायत एक कस्टमर ने गार्ड से कर दी. और पब्लिक प्लेस की मर्यादा तोड़ने के लिए गे कपल को स्टोर से बाहर कर दिया गया.इस बात से LGBTQ समुदाय बहुत ऑफेंड हुआ. और मिलकर तय किया कि स्टोर और गार्ड की इस हरकत का विरोध करेंगे. विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी और तोड़-फोड़ से नहीं, अपने पार्टनर्स को चुम्मा देकर करेंगे. तो बस, LGBTQ यानी गे, लेस्बियन, बायसेक्शुअल, ट्रांसजेंडर और क्वियर लोग पहुंच गए स्टोर में गाजे-बाजे के साथ. नाचे, गाए और खूब किस किया. https://www.youtube.com/watch?v=ZGZ1NolhcUo ये किस-प्रदर्शन आयोजित करने वाले सेगालोव का कहना था कि उनका ये कदम केवल होमोफोबिया के खिलाफ ही नहीं है. बल्कि खुद के समलैंगिक या ट्रांसजेंडर होने को सेलिब्रेट करता है. ये मास-किसिंग स्टोर से शुरू हुई, और सड़क पर रैली के रूप में बढ़ गई. सुनकर बुरा लगा कि एक गे कपल को केवल हाथ पकड़ने भर के लिए स्टोर से बाहर कर दिया गया. फिर सोचा कि हमारे यहां ऐसा होता, तो क्या होता. असल में कुछ नहीं होता. क्योंकि लोगों को अंदाजा ही नहीं है कि समलैंगिकता जैसी चीज लोगों के जीने का तरीका हो सकती है. असल में लड़कों का एक दूसरे से कंधे पर हाथ रखकर चलना आम बात है. क्योंकि लोगों का दिमाग सोच नहीं पाता कि कपल के बीच प्रेम का रिश्ता भी हो सकता है. लेकिन हां, एक लड़की और लड़का अगर हाथ पकड़ लेते तो बवाल होना मुमकिन था.
ऐसा विरोध प्रदर्शन, जिसमें नारेबाजी नहीं, चुम्मेबाजी हुई
ढेर सारे लोग मॉल में गए और पार्टनर्स को किस किया.
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फोटो - thelallantop
मैराथॉन के बारे में खूब सुना होगा. देखा होगा. मुमकिन है कि दौड़ भी लगाई हो. लेकिन कभी किसी 'किस'-एथॉन में गए हैं? जहां लोग बार-बार लगातार घंटों तक अपने पार्टनर को चूम रहे हों. ऐसा ही हुआ लंदन में. एक वैसे वाले शॉपिंग मार्ट में, जैसे अपने यहां 'बिग बाजार' वगैरह होते हैं. लेकिन सैकड़ों लोग किस करने किसी शॉपिंग मार्ट में क्यों जाएंगे? बताते हैं.
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