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यूक्रेन में रूस करा रहा 'जनमत संग्रह', लोग बोले- 'बंदूक की नोक पर वोट लिया जा रहा है'

यूक्रेनी प्रांतों को रूस में शामिल कराने के लिए जनमत संग्रह हो रहा है.

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जनमत संग्रह में वोट डालते लोग. (फोटो: रॉयटर्स/एपी)

यूक्रेन की जनता रूस में शामिल होना चाहती है या नहीं, इसे लेकर रूस द्वारा नियंत्रित यूक्रेन के क्षेत्रों में ‘जनमत संग्रह’ कराया जा रहा है. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हथियारों से लैस सैनिक लोगों के दरवाजे पर जाकर वोट ले रहे हैं, ताकि रूस के विरोध में परिणाम न जाए.

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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों को मौखिक रूप से बताना होता है कि वह किनके पक्ष में है, जिसके बाद सैनिक एक शीट में उनका मत मार्क करते हैं. रूस की सरकारी मीडिया का कहना है कि ‘सुरक्षा कारणों' के चलते डोर-टू-डोर वोटिंग चल रही है.

मेलिटोपोल शहर की एक महिला ने बीबीसी को बताया कि दो स्थानीय लोग, दो रूसी सैनिकों के साथ उनके माता-पिता के घर आए थे और उन्होंने बैलट पेपर (मतपत्र) पर साइन करने के लिए कहा.

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उन्होंने कहा, 'इसके जवाब में मेरे पिता ने नहीं (रूस में शामिल होने को लेकर) लिखा. मेरी मां बगल में ही खड़ी थीं, उन्होंने पूछा कि 'नहीं' लिखने पर क्या होगा. उन्होंने कहा- 'कुछ नहीं'. अब मेरी मां इस बात को लेकर चिंतित हैं कि रूसी उन्हें मार देंगे.'

महिला ने यह भी बताया कि पूरे परिवार के लिए एक बैलट पेपर दिया जा रहा है, न कि परिवार के हर एक सदस्य के लिए. इसी तरह के कई सारे मामले सामने आ रहे हैं. 

जानकारों का मानना है कि इस 'तथाकथित जनमत संग्रह' के जरिये रूस 'गैर-कानूनी' तरीके से यूक्रेन के चार श्रेत्रों को अपने नाम कर लेना चाहता है.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दुनिया के तमाम देशों से गुजारिश की है कि वे रूस के इस 'फर्जी जनमत संग्रह' का विरोध करें, क्योंकि यह यूक्रेन पर कब्जा करने की एक और चाल है. उन्होंने देश के नाम संबोधन में कहा, 'दुनिया इस फर्जी जनमत संग्रह के खिलाफ बोलेगी, वे एक सुर में इसका विरोध करेंगे.'

यूक्रेन के चार प्रांतों- पूर्व में लुहान्स्क और डोनेत्स्क और दक्षिण में ज़ापोरिज़्ज़िया और खेरसॉन पर रूस का पूर्ण या आंशिक नियंत्रण है. इन्हीं क्षेत्रों में जनमत संग्रह चल रहा है.

जनमत संग्रह में क्या पूछा जा रहा है?

1. लुहान्स्क और डोनेत्स्क क्षेत्र में लोगों से यह पूछा जा रहा है कि 'क्या वे रूस में इसके शामिल होने का समर्थन करते हैं?'

2. ज़ापोरिज़्ज़िया और खेरसॉन में लोगों से यह पूछा जा रहा है कि 'क्या वह यूक्रेस से अलग होकर अपना एक अलग देश बनाने और फिर रूस में शामिल होना चाहते हैं?'

3. लुहान्स्क और डोनेत्स्क में सिर्फ रूसी भाषा में मतपत्र छापे गए हैं.

4. ज़ापोरिज़्ज़िया और खेरसॉन मतपत्र रूसी और यूक्रेनी दोनों भाषाओं में हैं.

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