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छात्रों ने रेल ट्रैक पर गाया राष्ट्रगान, रेलवे ने रद्द की परीक्षाएं

NTPC और ग्रुप डी के छात्रों की बात सुनने के लिए रेलवे ने एक कमेटी बनाने का ऐलान किया है.

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बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर गाया राष्ट्रगान. (फोटो: ट्विटर)
रेलवे ने एनटीपीसी सीबीटी-2 ( RRB NTPC CBT-2) और ग्रुप डी सीबीटी-1 (Group D CBT-1) की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है.  एनटीपीसी सीबीटी-1 की परीक्षा में धांधलेबाजी का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग पर रेलवे ने ये फैसला लिया है. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार, 26 जनवरी को ही मंत्रालय ने HR डिपार्ट्मन्ट के प्रधान कार्यकारी निदेशक दीपक पीटर गैब्रियल को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है. ये कमेटी प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छात्रों की मांगों पर विचार करेगी. इससे पहले रिजल्ट में धांधलेबाजी का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया. बिहार के कई शहरों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी प्रदर्शन हुए. इस दौरान कई जगहों से छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आईं. वहीं प्रयागराज में पुलिस ने हॉस्टल्स से निकालकर छात्रों को पीटा. बिहार से ही एक ट्रेन में आगजनी की खबर आई. इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 25 जनवरी को रेल मंत्रालय ने एक नोटिस जारी किया. रेल मंत्रालय की ओर से जारी इस नोटिस में साफ कहा गया है कि हंगामा करने वाले अभ्यर्थियों को जिंदगी भर किसी भी पद पर नौकरी नहीं दी जाएगी. दूसरी तरफ, विपक्ष ने भी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का समर्थन किया है.    छात्रों ने गाया राष्ट्रगान कॉंग्रेस नेता राहुल गांधी ने 26 जनवरी को ट्वीट कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में बिहार के जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर राष्ट्रीय गान गाकर परीक्षा में हुई गड़बड़ी के प्रति अपना विरोध जताया. अपने इस ट्वीट में राहुल गांधी लिखते हैं
"अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने को हर नौजवान स्वतंत्र है, जो भूल गए हैं, उन्हें याद दिला दो कि भारत लोकतंत्र है, गणतंत्र था, गणतंत्र है!" 
रेलवे की चेतावनी से छात्र भड़के रेलवे की इस चेतावनी से बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए. उनका कहना है कि सरकार अमीरों और गरीबों के लिए तो काम कर रही है लेकिन मध्यमवर्ग के लिए कुछ नहीं कर रही. एक छात्र का कहना है कि वह भाजपा समर्थक है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह अपने अधिकारों के लिए ना लड़े और भूखा मार जाए. गुस्साए छात्र का कहना है कि माध्यम वर्ग के पास सरकारी नौकरी का एक ऑप्शन है वो भी सरकार उनसे छीन रही है. और जब वे विरोध करते हैं तो उन्हें ऐसे नोटिस देकर धमकाया जा रहा है. अगर सरकार का ऐसा की रवैया रहा तो हम चुनाव में इनको वोट नहीं देंगे क्योंकि ये सरकार सिर्फ चुनाव से डरती है. इस बात से नाराज हैं छात्र आपको बता दें कि 13 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में बोर्ड द्वारा कई पदों के लिए एक ही उम्मीदवार का चयन किया गया है, जिसके कारण कई छात्र सलेक्शन से वंचित हो गए. आक्रोशित छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में जब तक सुधार नहीं होगा उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. आक्रोशित छात्र रेल मंत्री को बुलाने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर अभ्यर्थियों आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार, 24 जनवरी को पटना (Patna) के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर सैकड़ों छात्रों ने कोलकाता-नई दिल्ली मुख्य रेलवे लाइन को जाम कर दिया. इस वजह से तकरीबन 5 घंटे तक इस रूट पर ट्रेन का परिचालन बंद रहा. वहीं मंगवार, 25 जनवरी को प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बिहार के आरा में कथित तौर पर एक पैसेंजर ट्रेन में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया था. आजतक को एक अधिकारी ने बताया कि वारदात का वीडियो बना लिया गया है और जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर बवाल काटने के बाद अभ्यर्थियों ने मंगलवार को रेलवे के सर्विस इंजन को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद मंत्रालय ने कड़ी चेतावनी दी है.

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