राजीव बनर्जी टीएमसी में लौटे.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता राजीव बनर्जी पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. लेकिन 31 अक्टूबर को उन्होंने फिर से TMC में वापसी कर ली. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने त्रिपुरा में राजीव बनर्जी और पूर्व BJP नेता आशीष दास को TMC में शामिल करवाया. इस मौके पर पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा,
BJP में शामिल होकर बड़ी गलती की. मुझे फिर से पार्टी में शामिल होने की अनुमति देने के लिए मैं अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का शुक्रगुजार हूं.
BJP पर हमला बोलते हुए राजीव बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी ने एक लुभावनी छवि बनाई हुई है. उन्होंने कहा,
BJP का एजेंडा वोट हासिल करना और धर्म की राजनीति करना है. मैं भी कृषि क्षेत्र को बढ़ते हुए देखना चाहता हूं और युवाओं के लिए रोजगार चाहता हूं. मैंने केंद्रीय नेतृत्व से कहा था, अगर वे इंडस्ट्री विकसित करना चाहते हैं, तो उन्हें डनलप कारखाने को फिर से खोलने चाहिए. लेकिन उनका एकमात्र एजेंडा वोट हासिल करना था. उनका मुख्य एजेंडा धार्मिक राजनीति थी.
TMC में दोबारा शामिल होने के बाद राजीव बनर्जी ने कहा,
मैंने एक फैसला लिया था जिसे ममता ने मुझे लेने से मना किया था. अभिषेक बनर्जी ने भी मुझे समझाया था. लेकिन आज मुझे शर्म आ रही है. अगर मैं रुका होता तो आगे की राह बेहतर दिखाती. परिवर्तन आ रहा है. मैं लोगों के लिए फिर से काम करना चाहता हूं.
राजीव बनर्जी ने कहा कि वह त्रिपुरा के लोगों से ममता बनर्जी पर भरोसा करने का आग्रह करेंगे.
मेरा मानना है कि ममता सिर्फ बंगाल की ही नहीं, बल्कि देश के बाकी हिस्सों की भी नेता हैं. हमारी संस्कृति एक जैसी है. विकास को त्रिपुरा तक पहुंचने की जरूरत है, जिसके बारे में दो साल पहले सोचा गया था. आने वाले दिनों में ममता और अभिषेक बनर्जी हर दूसरे राज्य में बड़े नेता होंगे.
उन्होंने कहा,
मैं त्रिपुरा के लोगों से कहूंगा, गलती मत करो. बीजेपी ने मेरा भरोसा तोड़ा. आपका भरोसा भी टूटेगा. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर विश्वास रखें.
विरोध के स्वर
राजीव बनर्जी के दोबारा पार्टी में शामिल होते ही TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कल्याण बनर्जी ने राजीव बनर्जी को सिर से पांव तक भ्रष्ट बताया है. सवाल खड़े किए हैं कि ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को क्यों पार्टी में दोबारा लिया गया. उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राजीव बनर्जी को पार्टी में शामिल किया है. इसे मुझे स्वीकार करना ही होगा, लेकिन ममता बनर्जी ने डोमजूर में एक मीटिंग के दौरान कहा था कि राजीव बनर्जी के गरियाहाट में तीन-चार मकान हैं और दुबई में लेन-देन चल रहा है. इसके बावजूद क्यों लिया गया यह तो पार्टी नेतृत्व बता पाएगा. जबकि अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि पार्टी के किसी कार्यकर्ता का मन दुखाकर किसी विश्वासघात करने वाले को पार्टी में नहीं लिया जाएगा. तृणमूल में अगर रहना है तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बात सबको माननी होगी, मुझे भी माननी होगी, लेकिन मुझे नहीं पता एक ऐसे टॉप टू बॉटम करप्ट इंसान को पार्टी में वापस क्यों शामिल किया गया.